Wednesday, March 4, 2026
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अवैध निर्माण से सेना की सुरक्षा को हो सकता है खतरा

  • वेस्ट एंड रोड स्थित कैसल व्यू में कायदे कानून ताक पर रखकर किया जा रहा निर्माण
  • रिहायशी बंगले में चेज आफ परपज और सब डिविजन की गंभीर अनियमितताएं
  • निर्माण को लेकर कैंट बोर्ड के एक प्रभावशाली सदस्य के खुला संरक्षण होने की है चर्चा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: छावनी के वेस्ट एंड रोड स्थित बंगला नंबर-210 कैसल व्यू जिसको नवाब की कोठी के रूप में भी पहचाना जाता है इन दिनों युद्ध स्तर पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस बंगले के अवैध निर्माण को फौजी अफसरों के परिवारों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

दरअसल इसके पिछले हिस्से की ओर से सैन्य कालोनी मल्होत्रा एन्क्लेव स्थित है। मंजिल दर मंजिल जिस प्रकार से यहां अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है जानकार उसको लेकर आने वाले दिनों में फौजी अफसरों के परिवारों की निजता में सेंधमारी व सुरक्षा में भारी चूक की आशंका जता रहे हैं।

बंगले से जुड़ी हैं पुरानी कहानियां

इस बंगले से कई ऐसी कहानियां भी जुड़ी हैं जिन पर हमारी पीढ़िया फर्क कर सकते हैं। अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में यह बंगला कभी क्रांतिकारियों का गढ़ रहा है।

देश के कई महान क्रांतिकारियों ने इस बंगले के एक पुराने बडेÞ हाल में बैठकर गुप्त मीटिंगें की हैं। इतना ही नहीं बहुचर्चित लालकिला सुनवाई प्रकरण में इस बंगले के मालिक ने ही आजाद हिंद फौज के जन. शाहनवाज समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों के ओर से मुकदमा लड़ा था।

ओल्ड ग्रांट के बंगले में कैसल व्यू

210 ओल्ड ग्रांट का बंगला है। सालों पहले इसमें कैसल व्यू के नाम से विवाह मंडप बना दिया गया। ओल्ड ग्रांट के बंगले में विवाह मंडप बनाया जाना चेंज आफ परपज की श्रेणी में आता है। यह सब किन हालात में हुआ था फिलहाल उस पर चर्चा नहीं हो रही है। हालांकि ओल्ड ग्रांट के बंगले में चेंज आफ परपज कैंट ऐक्ट में नियम विरुद्ध है।

एक और अवैध निर्माण

इस बंगले में इन दिनों एक ओर अवैध निर्माण तेजी से जारी है। ये सब कैसे और बोर्ड के किस प्रभावशाली सदस्य के इशारे पर किया जा रहा है इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं आम हैं। अवैध निर्माणों की यदि बात की जाए तो इस बंगले में ही नहीं बल्कि कैंट के तमाम बंगलों के अवैध निर्माणों के मामले में अफसरों पर बोर्ड के प्रभावशाली सत्ताधारी दल से जुडे सदस्यों का प्रेशर साफ नजर आता है। इसके पीछे कारण कुछ भी हो लेकिन इसको फौजी परिवारों की निजता व सुरक्षा को लेकर जिस प्रकार की आशंकाए जतायी जा रही है उसके चलते यहां कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

नहीं हो सका कैंट प्रवक्ता से संपर्क

बंगले में चल रहे अवैध निर्माण को लेकर कैंट प्रशासन के आला अधिकारियों व प्रवक्ता से संपर्क नहीं किया जा सका। रविवार सप्ताहिक अवकाश के चलते कुछ के मोबाइल नंबर स्विच आफ जाते रहे। कुछ ने काल रिसीव नहीं की।

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