Thursday, March 19, 2026
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यूपी बोर्ड: मूल्यांकन बना परीक्षकों के लिए चुनौती

  • मूल्यांकन के साथ आयोजित की जा रही प्रयोगात्मक परीक्षाएं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड इस बार आनन-फानन में हर कार्य एक साथ करने की कोशिश में जुटा है। यह आगे निकलने की होड़ है या वाकई कम समय में ज्यादा काम करके दिखाने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड परीक्षा हो चुकी हैं। उसके मूल्यांकन कार्य शनिवार को शुरू हुए हैं। इससे पहले 20 अप्रैल से प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। पहले ही माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।

पहले दिन केंद्रों का ये दिखा हाल

इसके बाद प्रयोगात्मक परीक्षा व मूल्यांकन में उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए परीक्षक नियुक्त किए जाने में प्राथमिकता राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को ही दी जाती है। अब प्रयोगात्मक परीक्षा और मूल्यांकन एक साथ चलने से शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में पहले जा रहे हैं। इसके कारण मूल्यांकन में नहीं पहुंच पा रहे हैं। शनिवार को मूल्यांकन केंद्रों पर यही स्थिति देखने को मिली।

अधिकतर फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, गृह विज्ञान आदि प्रैक्टिकल विषयों के शिक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। वहीं, हाईस्कूल विज्ञान की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने को लेकर खींचतान इस वर्ष भी बनी हुई है। फिजिक्स के शिक्षक केवल फिजिक्स के उत्तर ही जांचते हैं जबकि उसी उत्तर पुस्तिका में बायोलाजी के शिक्षकों को बायो और केमिस्ट्री का मूल्यांकन करना होता है।

दोनों ही विज्ञान के शिक्षक हैं और नियुक्ति भी विज्ञान शिक्षक के तौर पर होती है। बायो शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में वह पूरे साल केवल बायोलाजी ही पढ़ाते हैं। लेकिन मूल्यांकन में केमिस्ट्री की कापी भी देखनी पड़ती है। फिजिक्स के शिक्षक गणित भी पढ़ाते हैं। इसलिए केमिस्ट्री पढ़ाने और मूल्यांकन से बचते हैं। फिजिक्स व बायो पढ़ाने वाले दोनों ही शिक्षकों की केमिस्ट्री की योग्यता होती है, लेकिन स्वयं को अपडेट नहीं रखते हैं।

फिजिक्स के शिक्षक एक तिहाई जबकि बायोलाजी के शिक्षक को दो तिहाई उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करना पड़ता है कि जबकि पारिश्रमिक आधा-आधा मिलता है। ऐसे में बिना साल भर पढ़ाए मूल्यांकन करने पहुंचने पर शिक्षकों को सिलेबस देखकर मूल्यांकन करना पड़ता है।

पहले दिन केंद्रों पर ली गई कुछ ही कॉपियां, हस्ताक्षर कर निकले परीक्षक

शनिवार को यूपी बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई। जिले में मूल्यांकन के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं। सभी जगह पहली पाली में परीक्षक व डिप्टी हेड एग्जामिनर्स के साथ बैठक हुई। अधिकतर डिप्टी हेड एग्जामिनर अनुपस्थित रहने के कारण पहले दिन मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। जो डिप्टी हेड एग्जामिनर उपस्थित थे, उन्होंने 10 या 20 कॉपियां लेकर मूल्यांकन कार्य शुरू किया।

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