- रालोद कार्यकर्ताओं ने कांधला बस स्टैंड पर दिया धरना
- कैराना में ज्ञापन सौंपकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
कांधला: हाथरस में मृतका रेप पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और रालोद कार्यकर्ताओं पर पुलिस के द्वारा किए लाठीचार्ज के विरोध में रालोद कार्यकर्ताओं ने कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड धरना प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सीओ कैराना को सौंपा। ज्ञापन में लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों और एडीएम हाथरस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
रविवार को रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस में मृतका रेप पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे थे, जहां पुलिस ने जयंत चौधरी और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया था। सोमवार को रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रालोद कार्यकर्ताओं ने कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन किया।

धरने को संबोधित करते हुए रालोद के जिला उपाध्यक्ष डा. विक्रांत जावला ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, गुड़ागर्दी और पूंजीपति लोगों का बोल बाला है। पूर्व प्रदेश महासचिव सतबीर पंवार ने कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा के लोगों को अपने गांवों में नहीं घुसने देंगे।
इस दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने सीओ कैराना जितेंद्र कुमार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों और एडीएम हाथरस पर कार्रवाई की मांग की है। धरने की अध्यक्षता जावेद अख्तर और संचालन रालोद के किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष योगेश भभीसा ने किया। धरना- प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक, रणधावा मलिक, अरविंद भारसी, पूर्व प्रधान पप्पू, किसान नेता सुनील पंवार आदि मौजूद रहे।
विक्रांत जावला समेत पांच घायल
रविवार को हाथरस में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी तथा समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज में शामली के रालोद जिला उपाध्यक्ष डा. विक्रांत जावला तथा किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष योगेश भभीसा सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। डा. विक्रांत जावला ने बताया कि पुलिस ने शांतिपूर्वक गांव जा रहे रालोद कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया है। सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए गांव में पीड़ित परिवार से मिलने आने वाले लोगों को रोक रहीं है। समय आने पर जनता इसका जवाब देगी।


हाथरस की घटना ही नही होनी चाहिये थी