- निजी अस्पताल अभी नहीं ले रहे हैं वैक्सीन
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: कोरोना का साया कम हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ। आने वाले दिनों में कोरोना आम जन पर कहर बनकर न टूटे, इसके लिए देश व दुनियाभर के वैज्ञानिक व डाक्टर्स ने कोरोना की बूस्टर डोज या फिर प्रीकाशन डोज की सलाह दी है। लेकिन जनपद में प्रीकाशन डोज लेने वालों की संख्या बहुत कम है। इसका मुख्य कारण प्रीकाशन डोज का मुफ्त ना होना माना जा सकता है। हालांकि 60 वर्ष से ऊपर के लोगों व फ्रंटलाइन वर्करों के लिए प्रीकाशन डोज मुफ्त है।
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10 जनवरी से कोरोना से बचाव को प्रीकाशन डोज लगाई जाने की योजना है। इसी के साथ 60 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए सरकार की ओर से प्रीकाशन डोज मुफ्त की गई है। जबकि 18 से 59 उम्र के लोगों को वैक्सीन की प्रीकाशन डोज के पैसे चुकाने होंगे। कोविन पोर्टल पर मौजूद आंकड़ों को देखें तो जनपद में अभी तक कुल 53,79,336 लोगों ने वैक्सीन ली है। इनमें से कोरोना की पहली डोज लेने वालों की संख्या 28,74,655 है। जबकि दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 24,47,864 है। मात्र 56,817 लोगों ने वैक्सीन की प्रीकाशन डोज ली है।
ये दोनों डोज ले चुके लोगों का मात्र 2.32 फीसदी है। साफ है कि 18 से 59 वर्ष की उम्र के लोगों की प्रीकाशन डोज लेने में ज्यादा दिल्चस्पी नहीं है। हालांकि अभी जनपद के किसी भी प्राइवेट अस्पताल में प्रीकाशन डोज नहीं लगाई जा रही है, जबकि बात अगर 12 से 14 वर्ष के उम्र के बच्चों की करें तो अभी तक 1,24,979 बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसी तरह 15 से 17 वर्ष के 3,43,666 बच्चों को कोरोना रोधी टीका लगाया गया है।
जबकि 18 से 44 की उम्र के 32,29,471 लोगों को,45 से 60 के 10,91,554 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। जबकि 60 की उम्र से ऊपर के 5,89,661 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि अभी जनपद में प्रीकाशन डोज निजी अस्पतालों में लगनी शुरू नहीं हुई है। हालांकि, इस बाबत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्राइवेट अस्पतालों को कहा गया है। लेकिन, जल्द ही प्रीकाश डोज देनी शुरू कर दी जाएगी।

