- विवि में शासन से पहुंचा पत्र सात और आठ जून के साक्षात्कार किए रद
- नॉन टीचिंग की नियुक्तियों पर भी रोक लगने की संभावना, जनवाणी की मुहिम लाई रंग
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में टीचिंग एवं नॉन टीचिंग की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर लगातार बरती जा रही अनियमितता एवं राजभवन में हो रही इन नियुक्तियों की शिकायतों की खबरों को जनवाणी द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद आखिरकार दबाव बढ़ने के कारण सात और आठ जून को होने वाले इंटरव्यू को कृषि विवि प्रशासन द्वारा रद कर दिए गए हैं। विवि प्रशासन द्वारा जारी किए गए पत्र में यह दर्शाया गया कि अपरिहार्य कारणों के चलते अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिए गए हैं। विवि के निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण द्वारा यह पत्र जारी किया गया है।
कृषि विवि के कुलपति प्रो. आरके मित्तल का कार्यकाल 14 जुलाई को समाप्त हो रहा है। कुलपति अपने कार्यकाल से पहले कृषि विवि में नियुक्ति करना चाहते हैं। जिसके चलते उन्होंने 10 जुलाई को प्रबंध परिषद की बैठक बुलाई है। कुलपति 10 जुलाई को होने वाली परिषद की मीटिंग में लिफाफे खोलना चाहते हैं। इस उदेश्य से उन्होंने अपने कार्यकाल समाप्त होने से चार दिन पहले ही मीटिंग बुलाई है।
कृषि विवि में हो रही नियुक्ति प्रक्रिया में नियम कायदे कानून ताक पर रखकर प्रक्रिया की जा रही है। ऐसे में इस प्रक्रिया की शिकायत सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल और शास्त्री नगर निवासी सुनील तनेजा द्वारा राजभवन में की गई थी। इस प्रक्रिया की कार्रवाई को लेकर लगातार जनवाणी द्वारा मुहिम चलाई जा रही थी और इस प्रक्रिया को लेकर खबरे प्रकाशित की जा रही थी। जिसके चलते नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राजभवन और शासन तक हड़कंप मच गया।
राजभवन और शासन के बढ़ते दबाव को देखते हुए विवि प्रशासन द्वारा सात और आठ जून को होने वाले सभी साक्षात्कार अग्रिम आदेशों तक रद कर दिए गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह कारण विवि द्वारा किसके दबाव में जारी किए गए हैं, लेकिन सूत्रों की माने तो नियुक्ति प्रक्रिया में बदनामी होने के कारण राजभवन और शासन द्वारा दबाव बढ़ाया गया। जिसके चलते यह प्रक्रिया रुकी है। हालांकि विवि प्रशासन द्वारा जब इस बाबत बातचीत करनी चाही तो उन्होंने बात करने से साफ इनकार कर दिया।

