जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद सरकार के फैसले का समर्थन किया है। भाजपा का कहना है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में आम नागरिकों पर बोझ सबसे कम पड़ा। नेताओं ने इसकी तुलना अमेरिका, पाकिस्तान, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और म्यांमार जैसी अन्य देशों के दामों से की।
अमित मालवीय का बयान
भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण अप्रैल-मई में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रही। इसके असर से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं, लेकिन भारत ने इस समय अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम जनता तक नहीं आने दिया।
उन्होंने बताया कि 23 फरवरी से 15 मई के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारत में क्रमशः 3.2% और 3.4% की बढ़ोतरी हुई, जबकि अमेरिका में पेट्रोल 44.5% और डीजल 48.1%, पाकिस्तान में पेट्रोल 54.9% और डीजल 44.9%, ब्रिटेन में पेट्रोल 19.2% और डीजल 34.2% बढ़े। म्यांमार में सबसे अधिक वृद्धि हुई—पेट्रोल 89.7% और डीजल 112.7%।
सरकार की तारीफ क्यों की
मालवीय ने कहा कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 76 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ जनता पर नहीं डाला और खुद लागत का बड़ा हिस्सा वहन किया। उन्होंने बताया कि 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि लगभग चार वर्षों में पहली थी और यह वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईंधन मूल्य नियंत्रण महंगाई पर नियंत्रण का भी उपाय है, क्योंकि यह परिवहन, खाद्य वस्तुएं और लॉजिस्टिक्स पर सीधे असर डालता है।
भाजपा प्रवक्ता का बयान
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा कि उन्हें हर चीज का राजनीतिकरण करने पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि यह समय आर्थिक राष्ट्रभक्ति का है और 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं, जबकि कांग्रेस अपनी हताश राजनीति के कारण बार-बार बेनकाब हो रही है।

