- पुलिस ने दबिश देकर 35 लोगों को किया था गिरफ्तार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लिसाड़ीगेट में घरों में खुलकर घरेलू कैसिनो चल रहे हैं और पुलिस खुलकर सरंक्षण दे रही थी। एसएसपी के सख्त अंदाज के बाद अब इन पर कार्यवाही शुरु हो गई है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को जुआ खिलाते हुए गिरफ्तार कर नकदी बरामद की है।
लिसाड़ीगेट के लख्खीपुरा में हिस्ट्रीशीटर सट्टा माफिया नम्मों ने मकान पर बुधवार देररात पिल्लोखड़ी चौकी इंचार्ज ने पुलिस टीम के साथ मकान में छापेमारी की थी। पुलिस ने मौके से महिला गुलफसा, जाहिदा, फैजान, माम उर्फ इस्लामुद्दीन, दिलशाद को हिरासत में लिया था। जबकि सट्टा माफिया नम्मों उसके दो साथी सागर लगड़ा, फईमुद्दीन फरार हो गए।
नम्मों सालों से शहर में कई जगह सट्टा चला रहा है। पुलिस ने दो ताश की गड्डी करीब तीन हजार 60 रुपये बरामद किए थे। पुलिस ने थोड़ी दिन पहले लिसाड़ीगेट में महिला छोटी के मकान पर सीओ ट्रेनी व एसोजी टीम ने दबिश देकर 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। जहां पुलिस ने करीब 49 हजार रुपये नकदी बरामद की थी।
इस मामले में थाने के ड्राइवार व हमराह पर 51 हजार रुपये लेकर रकम लेकर सट्टा चलवाने के लिये रकम ली थी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सीओ कोतवाली को जांच रिपोर्ट मांगी थी। दोनो सिपाहियो के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
शिक्षिका ने मदरसा संचालक पर लगाया 2.98 लाख हड़पने का आरोप
मदरसे में शिक्षिका के रूप में काम कर चुकी एक महिला ने संचालक पर 2.98 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया है। जिसमें संचालक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने और अपने वेतन की राशि दिलवाने की मांग की गई है।
शबनम पुत्री मो. इकरामुद्दीन निवासी नूरानी मस्जिद सेक्टर-4 माधवपुरम थाना ब्रह्मपुरी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि मदरसा इस्लामिया मदीना तुल उलूम सिवालखास के प्रबंधक ने 13 सितंबर 2013 में उसे अध्यापिका के पद पर रखा था। महिला के अनुसार एक साल काम करने के उपरांत परमानेंट करने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि इस बीच उसके खाते में 2016 तक आई सेलरी की राशि 2.98 लाख रुपये बहाने से और धोखाधड़ी करके अपने कब्जे में कर ली।
इस दौरान उसे वेतन के नाम पर एक से दो हजार रुपये दिए गए। इस बीच जून 2019 में उसे मदरसे से निकाल दिया गया। साथ ही उसे धमकी दी कि रुपयों की बाबात किसी से जिक्र करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तब से वह डर की वजह से घर पर ही रह रही है। महिला ने मदरसा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर वेतन की राशि दिलाने की मांग की है। इस सिलसिले में मदरसा संचालक आबिद अली का कहना है कि आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत शिक्षिका ने संविदा पर कार्य किया है।
जिसकी एवज में मिलने वाले मानदेय की राशि शिक्षिका के ही खाते में आती रही है। गत 31 मार्च 2016 को वह पारिवारिक कारण बताकर इस्तीफा दे चुकी है, जिसकी प्रति उनके पास सुरक्षित है और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी कार्यालय में भी जमा कराई जा चुकी है। संचालक का कहना है कि तीन वर्ष शिक्षिका के मदरसे में काम करने के चलते उनके परिवार के साथ मधुर संबंध रहे हैं।
इस बीच 2018 में शिक्षिका के परिजनों ने बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये उनसे उधार लिए थे। जिन्हें मांगने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि उधार की रकम को हड़पने के लिए शिक्षिका उन पर झूठा आरोप लगा रही है।

