जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नासिक के चर्चित टीसीएस कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई बेहद गुप्त और सुनियोजित तरीके से की, ताकि इलाके के लोगों को पता भी न चले कि वहां निगरानी की जा रही है।
निदा कहां छिपी थी?
मिली जानकारी के अनुसार, नासिक में सामने आए कथित जबरन धर्मांतरण मामले के बाद से ही निदा खान फरार थी। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह हर बार गिरफ्तारी से बच जाती थी। मई के पहले सप्ताह में टीम को एक अहम सूचना मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में छिपी हुई है।
पुलिस ने ट्रैक कैसे किया?
सूत्रों के अनुसार, निदा पिछले तीन-चार दिनों से उसी फ्लैट में रह रही थी, और उसके साथ उसके पिता, मां, भाई और मौसी भी मौजूद थे। पुलिस बिना पुष्टि के कार्रवाई नहीं करना चाहती थी। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
ऑपरेशन का तरीका
पुलिस ने इस ऑपरेशन को पूरी तरह गुप्त रखा। 20 से अधिक पुलिसकर्मी इलाके और फ्लैट के आसपास तैनात किए गए, लेकिन किसी ने भी वर्दी नहीं पहन रखी थी। सभी अधिकारी सादे कपड़ों में आम लोगों की तरह घूमते रहे। सरकारी गाड़ियों और जीपों का इस्तेमाल भी नहीं किया गया ताकि किसी को शक न हो।
करीब तीन-चार दिनों तक लगातार निगरानी के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि निदा खान कुछ वकीलों से कानूनी सलाह ले रही थी और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही थी। पुलिस को डर था कि अगर उसे कानूनी राहत मिल गई तो गिरफ्तारी मुश्किल हो जाएगी। सही समय का इंतजार करने के बाद पुलिस ने अचानक कार्रवाई कर उसे हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
गुरुवार देर रात निदा खान को सुतगिरनी चौक स्थित न्यायिक अधिकारी के सरकारी आवास पर पेश किया गया। इसके बाद नासिक पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और विशेष वाहन से उसे आगे की जांच के लिए नासिक ले जाया गया। गिरफ्तार होने के समय उसके साथ कुल पांच अन्य लोग भी मौजूद थे।
मामले का विवरण
जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान 2021 से टीसीएस में प्रोसेस एसोसिएट के रूप में कार्यरत थी। मामले में नाम आने के बाद उसे पिछले महीने निलंबित कर दिया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह कथित रूप से कई कर्मचारियों को धार्मिक रूपांतरण के लिए प्रभावित करने का प्रयास कर रही थी।
आरोप है कि उसने कुछ लोगों को इस्लामिक धार्मिक सामग्री, किताबें और वीडियो भेजे। जांच एजेंसियों को शक है कि यह संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कंपनी के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
निदा खान ने पिछले महीने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में दावा किया था कि वह गर्भवती है, लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। अब तक इस मामले में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और निदा खान सबसे हालिया गिरफ्तारी है।

