बीआरसी नगर क्षेत्र में आए थे 545 पौधे, लेकिन बड़ी संख्या में पौधे लगाए नहीं गए
सीएम योगी ने 5 जुलाई को चित्रकूट में की थी मेगा पौधारोपण अभियान की शुरुआत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदूषण से निजात पाने के लिए एकमात्र उपाए है बड़ी संख्या में काटे गए वृक्षों की भरपाई के लिए पौधारोपण किया जाए। सीएम योगी ने 5 जुलाई को चित्रकूट से मेगा पौधारोपण अभियान की शुरुआत की थी। जिसके तहत सरकारी स्कूलों में भी पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
इसी क्रम में बड़ी संख्या में पौधे स्कूलों में रोपने के लिए आए थे। लेकिन नगर क्षेत्र बीआरसी में आए इन पौधों में से कितने पौधे रोपे गए है यह सवाल उठ रहा है। यहां पर आज भी बड़ी संख्या में बिना रोपे गए पौधों की अनदेखी हो रही है। यह पौधे अब सूखते जा रहे है और जगह-जगह बिखरे पड़े है।
नगर बीआरसी क्षेत्र
इंदिरा चौक के नजदीक स्थित नगर बीआरसी के अधिकार क्षेत्र में कुल 129 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय आते है। इनमें से 21 स्कूलों में सीएम के मेगा पौधारोपण अभियान के लिए कुल 545 पौधे आए थे। लेकिन आज भी बड़ी संख्या में पौधे बिना रोपे ही बेकार हो गए है। इन पौधों को रोपने की जिम्मेदारी बीईओ(खण्ड शिक्षा अधिकारी) की थी। जबकि रोपे जाने के बाद पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी उसी स्कूल के स्टाफ की थी

जिमसें यह रोपे गए है। इनमें अनार, नींबू व सहजन के साथ अन्य पौधे शामिल है। सहजन की बेल से तो मिड-डे-मील के लिए तैयार होने वाले भोजन की सब्जी भी बनाने की योजना है। लेकिन नगर बीआरसी में शायद कागजों में ही सभी पौधे रोपे जा चुके है। यानी सीएम योगी के मेगा अभियान की यहां धज्जियां उड़ाई गई।
शहरी क्षेत्र में कम ही स्कूलों के पास है पौधारोपण की जगह
शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्कूलों के पास अपनी बिल्डिंगे नहीं है। ऐसे में इन विद्यालयों में पौधारोपण कार्य नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि नगर क्षेत्र में आने वाले 129 विद्यालयों में से केवल 21 स्कूलों को ही पौधारोपण के लिए चुना गया। लेकिन विडंबना देखें कि मात्र 21 विद्यालयों में लगाये जाने वाले पौधे भी नहीं रोपे गए। ऐसे में किस तरह से बच्चों को सीएम के मेगा अभियान के साथ जोड़ा जाएगा कहा नहीं जा सकता।
उनके पास आए सभी 545 पौधों को रोपा जा चुका है, शहरी क्षेत्र के महज 21 विद्यालयों में ही पौधे रोपे जाने की जगह थी। इनमें पौधे रोप दिये गए है, जो पौधे रोपे बिना रह गए है वह शिक्षकों द्वारा ज्यादा मंगाए गए पौधे है। इनमें से भी काफी पौधे रोपे जाने योग्य नहीं थे। -सतेन्द्र कुमार, बीईओ, नगर क्षेत्र बीआरसी।

