- बेहतर होगी कनेक्टिविटी, प्रॉपर्टी में भी आएगी बहार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिड ट्रेन जहां लोगों के आवागमन को सुगम बनाएगी वहीं यह मेरठ के उद्योग-धंधों को भी एक प्रकार से बूस्टर डोज देगी। रैपिड के शुरू होने से यहां प्रॉपर्टी में भी बहार आएगी और तो और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते मेरठ आयात व निर्यात का हब भी बनेगा। गौरतलब है कि इस समय मेरठ के कई उद्योग-धंधे विश्व प्रसिद्ध हैं, लेकिन एक शहर से दूसरे शहर (विशेषकर बड़े शहरों) आपेक्षित कनेक्टिविटी न होने के कारण उद्योग-धंधों को वो सपोर्ट नहीं मिल पाती जिसकी उसे दरकार होती है।
मेरठ-गाजियाबाद-दिल्ली के रैपिड कॉरिडोर के शुरू होने से मेरठ के व्यापारियों की यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। यहां के बड़े व्यापारियों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी न होने के कारण ही उन्हें अच्छे अवसरों से अब तक महरुम रहना पड़ा लेकिन मेरठ में जब से रैपिड व मेट्रो ट्रेन का काम शुरू हुआ है। तब से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। बताते चलें कि अगर खेल उत्पादों की बात करें तो मेरठ का नाम वैश्विक स्तर पर लिया जाता है।
जालंधर के बाद मेरठ ही खेल उत्पादों में सर्वोपरि माना जाता है। इसके अलावा यहां कपड़े का बड़ा कारोबार है। यहां की कैंचियां पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। जब रैपिड शुरू होगी तो मेरठ व अन्य बड़े शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर आधार मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर मेरठ में प्रॉपर्टी में भी अच्छा खासा बूम आने की उम्मीद जताई जा रही है। हांलाकि प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के अनुसार जब से मेरठ में रैपिड के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हुआ था तभी से ही यहां प्रॉपर्टी के दामों में अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई है।
इन लोगों के अनुसार एनसीआर के शहरों के कई लोग प्रॉपर्टी के लिए मेरठ आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार मेरठ में 8 हजार से अधिक औद्योगित इकाईयां हैं। रैपिड व मेट्रो के ट्रैक पर आते ही यहां पर उद्योग धन्धों के साथ साथ प्रॉपर्टी के भी अच्छा खासा बूम आने की उम्मीद है।
कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी आते हैं मेरठ
खेल का सामान विशेषकर क्रिकेट से जुड़ा सामान खरीदने के लिए कई अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी दिल्ली से मेरठ पहुंचते हैं। इनमें भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों सहित कई देशों के इंटरनेशनल प्लेयर शामिल हैं। बताते चलें कि जब कई विदेशी टीमें दिल्ली में मैच खेलती हैं तो उनके कई खिलाड़ी अक्सर मेरठ आकर अपने लिए क्रिकेट बैट व अन्य उपकरण खरीदते हैं।
शहर की प्रोफाइल
- स्पोर्ट्स सिटी आॅफ इण्डिया का तमगा हासिल है।
- 1857 में हुई आजादी की क्रांति वाली भूमि है।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
- भारत का 26वां सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है।
शहर के प्रसिद्ध खेल उद्योग
- क्रिकेट का सभी प्रकार का सामान।
- इन्फ्लेटेबल गेंद।
- नेट व कैरम।
- व्यायाम के उपकरण।
- बॉक्सिंग के उपकरण।
- खेलों से संबधित सुरक्षा उपकरण।
- स्पोर्ट्स वेयर।

