- विवि की विधित परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि में सोमवार को विद्वित परिषद की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बॉयोटेक्नोलॉजी सहित विभिन्न विषयों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अब विश्वविद्यालय में बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग में तीन वर्षीय बीएससी बॉयोटेक्नोलॉजी (आॅनर्स) शुरू किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम में 30 सीटें हैं और इसमें फीस 25,000 रुपये वार्षिक होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में आरेनरी एमरेट्स प्रोफेसर के लिए अहर्ता एवं कार्यविधि संबंधी नियमावली को स्वीकृति प्रदान की गई।
बता दें कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विभिन्न विषयों की बोर्ड आॅफ स्टडीज द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों को अद्यतन/नवीन पाठ्यक्रम का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्य रूप से शिक्षा विभाग, विधि विभाग में डिप्लोमा इन साइबर क्राइम एंड लाज, मनोविज्ञान विभाग में एमए, पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग, पीएचडी एमएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी आदि विभागों में बोर्ड आॅफ स्टडीज द्वारा निर्मित पाठ्यक्रम का अनुमोदन प्रदान किया गया।
विदेश के विषय विशेषज्ञों को एडजंक्ट फैकल्टी बनाने का निर्णय
विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर गंगा बेसिन बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। इस केंद्र के माध्यम से डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम संचालित करने से करने के साथ-साथ मृदा परीक्षण एवं किसानों को भी जागरूक किया जाएगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में देश विदेश के विषय विशेषज्ञों को एडजंक्ट फैकल्टी बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो संगीता शुक्ला ने की। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. वीरपाल सिंह, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित विद्वत परिषद के सदस्य उपस्थित रहें।

