- एमडीए की टीम दो थानों की फोर्स लेकर सरधना रोड कंकरखेड़ा पहुंची
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह के आदेश पर आखिर कंकरखेड़ा स्थित वक्फ बोर्ड की जमीन पर किये जा रहे निर्माण पर एमडीए ने बुलडोजर चला दिया। एमडीए की टीम दो थानों की फोर्स लेकर सरधना रोड कंकरखेड़ा में पहुंची तथा चल रहे निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। पूरा निर्माण ध्वस्त कर दिया। दीवार भी कुछ प्लाटों की बना दी गई थी, जिसे गिरा दिया गया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के दौरान निर्माण में जुटी टीम मौके से भाग निकली। पुलिस निर्माणकर्ताओं को हिरासत में ले सकती थी। इससे पहले ही ये लोग भाग निकले। डीएम दीपक मीणा का कहना है कि ये जमीन विवादित हैं। वक्फ बोर्ड की हैं, जिस पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। उस पर प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की हैं।
दरअसल, कुछ लोग सरधना रोड पर ड्रीम सिटी से सटी करीब 17 बीघा जमीन वक्फ बोर्ड की हैं। लंबे समय से इस जमीन को लेकर जद्दोजहद चल रही हैं। वर्तमान में उस जमीन का कुछ लोग बैनामा होने का दावा कर रहे हैं। बैनामा दस्तावेज और हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह और डीएम दीपक मीणा को दिखाई गयी हैं।
प्रशासन का सवाल है कि आखिर वक्फ बोर्ड की जमीन कैसे बिक सकती हैं? इस जमीन पर कब्जा करने के लिए मेरठ से लेकर लखनऊ तक जाल बिछाया गया हैं। जमीन पर अपना दावा करने वालों ने सड़क निर्माण और दीवारों का निर्माण आरंभ कर दिया था,
जिसकी शिकायत कुछ भाजपा नेताओं ने कमिश्नर से की। इसके बाद ही कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए एमडीए इंजीनियरों की टीम को मौके पर पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्य को गिरा दिया। करीब तीस मिनट चले ध्वस्तीकरण अभियान से सड़क और दीवार गिरा दी।
निगम करेगा हाईकोर्ट में अपील
वक्फ की सम्पत्ति पर कब्जे के मामले में अब नगर निगम भी मैदान में कूद गया हैं। नगर निगम के अधिकारियों की कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने मीटिंग कॉल की थी। कमिश्नर ने निगम अफसरों से पूछा कि वक्फ सम्पत्ति को लेकर निगम के नियम क्या कहते हैं?
कमिश्नर की मीटिंग के बाद नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वक्फ बोर्ड की इस जमीन को लेकर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। नगर निगम इस सम्पत्ति को लेने के लिए अब पैरोकारी करेगी।
सिलिंग की जमीन पर कर लिया कब्जा, सबमर्सिबल भी कर दिया
सिलिंग की जमीन को लेकर कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने सख्ती कर रखी हैं। व्यापक स्तर पर सिलिंग की जमीन पर एमडीए और नगर निगम ने कब्जे भी ले लिये हैं। बावजूद इसके एनएच-58 पर स्थित ऐरा कॉलोनी में सिलिंग की जो जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी, उस पर सबमर्सिबल और दीवार कर कब्जा कर लिया गया है।
जमीन की कुछ लोगों ने पैमाइश की और सबमर्सिबल भी कर दिया। बता दें, ऐरा कॉलोनी में मुख्य गेट के पास में कुछ भूमि सिलिंग की थी, जो अभी तक खाली पड़ी थी। इसका वाद भी न्यायालय में चल रहा था। मंगलवार को अचानक इस जमीन पर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया।
सबमर्सिबल भी कर दिया गया। इस तरह से जिस जमीन को सिलिंग की बताया जा रहा था, उस पर कैसे निर्माण आरंभ कर दिया? इसके बारे में तहसील स्टाफ भी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। तहसील कर्मियों का कहना है कि मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे, फिर कार्रवाई की जाएगी। दो खसरा नंबर हैं, जो सिलिंग में दर्ज हैं।
इनको बिल्डर ने तो खाली छोड़ रखा था, लेकिन अब जमीन को किसने बेच दिया? यह भी पता नहीं हैं। चुपचाप इस जमीन पर कब्जा किया जा रहा हैं। तहसील के अधिकारी व लेखपाल भी इस तरफ से आंखें मूंदे हुए हैं, जो भविष्य में मकान बनने के बाद ही नींद टूटेगी।

