Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

आठ सेकंड में जमींदोज हुआ नोएडा का ट्विन टावर, कई मीटर तक फैला धूल का गुबार, देखें वीडियो

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: महज आठ सेकेंड के अंदर नोएडा का ट्विन टावर ढहा दिया गया। 32 और 29 मंजिला दोनों इमारतें पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गईं हैं। टावर में जैसे ही ब्लास्ट शुरू हुए, धुएं का गुबार उठना शुरू हो गया। कई किलोमीटर दूर तक लोगों ने इस धुएं के गुबार को देखा। आस-पास की 50 से ज्यादा इमारतें पूरी तरह से धूल से पट गईं।

ठीक 2 बजकर 30 मिनट पर हुआ पहला धमाका

ट्विन टावर गिराने के लिए पूरी व्यवस्था पहले से कर ली गई थी। 500 मीटर के दायरे में पड़ने वाली सभी इमारतों को खाली करा दिया गया था। कई इमारतों को ढक भी दिया गया था। ठीक दो बजकर 30 मिनट पर पहला धमाका हुआ। ये धमाका 29 मंजिला इमारत के सबसे नीचे हुआ। इसके बाद एक के बाद एक 29 मंजिले इमारत के हर फ्लोर पर ब्लास्ट हुआ। कुछ सेकेंड के अंदर ही ये 29 मंजिला इमारत धराशाही हो गया। इसके तुरंत बाद 32 मंजिला इमारत में ब्लास्ट शुरू हुआ। इसमें भी शुरुआत इमारत के सबसे नीचे से हुई। देखते ही देखते आठ सेकेंड के अंदर दोनों इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं।

कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

ट्विन टावर गिरते ही धुएं का गुबार उठा। आस-पास पूरी तरह से धुंध छा गई। एक्सप्रेस वे तक इस धुएं के गुबार को लोगों ने देखा। देश में ये पहला मौका था जब इस तरह से किसी ऊंची इमारत को ध्वस्त किया गया है।

पड़ोस की इमारतों को कोई नुकसान नहीं

ट्विन टावर गिरने के बाद नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु महेश्वरी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि इमारतों के गिरने से आसपास की बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आसपास की सभी इमारतें सुरक्षित हैं।

धूल को कम करने के लिए पानी का छिड़काव हो रहा

ट्विन टावरों के जमींदोज होने का बाद चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया। धूल का गुबार अनुमान से भी ज्यादा है, यह एक्सप्रेस वे तक फैल गया है। धूल को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। धुंध छंटने के बाद विशेषज्ञों की टीम नुकसान का आंकलन करेगी।

छतों पर चढ़कर लोगों ने देखा

30 3

भ्रष्टाचार के ट्विन टावर को गिरते हुए देखने के लिए लोग काफी उत्सुक दिखे। आसपास के इलाकों में लोगों ने छतों पर चढ़कर पूरी कार्रवाई देखी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर पहुंच गए हैं।

31 अगस्त तक होगी वायु प्रदूषण की निगरानी

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ट्विन टावर के आसपास छह से अधिक अस्थायी मशीनों को लगाया है। इनकी मदद से टीम 31 अगस्त तक वायु प्रदूषण पर निगरानी रखेगी। रोजाना दस बजे वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए जाएंगे। साथ ही, अन्य मशीनों से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक देखा जाएगा।

ट्विन टावर के नीचे टायर रखे गए थे

31 4

दोनों इमारतों के नीचे टायर लगाए गए थे ताकि वाइब्रेशन को कम किया जा सके। वहीं, ऑपरेटर ने स्मॉग गन की तकनीक से धुएं को हटाने का काम शुरू कर दिया है।

पानी को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल

32 5

नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के बाद आस पास जमे धूल को स्थिर करने के लिए पानी को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्विन टावर्स के ध्वस्त होने के बाद आसपास धूल का गुबार फैला।

कौन है ट्विन टावर का मालिक?

33 5

ये ट्विन टावर सुपरटेक कंपनी ने बनाया था। सुपरटेक कंपनी के मालिक का नाम आरके अरोड़ा है। आरके अरोड़ा ने 34 कंपनियां खड़ी की हैं। ये कंपनियां सिविल एविएशन, कंसलटेंसी, ब्रोकिंग, प्रिंटिंग, फिल्म्स, हाउसिंग फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन तक के काम करती हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आरके अरोड़ा ने तो कब्रगाह बनाने तक की कंपनी भी खोली है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img