- 2014 के मुकदमे में बार-बार बुलाने पर भी बयान नहीं दे रहे
- कोर्ट ने डीजीपी को लिखा पत्र, कार्रवाई के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र में 2014 में दर्ज दहेज हत्या के एक मामले में कोर्ट के बार-बार बुलाने के बाद भी गवाही देने आने पर कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर पूर्व एसपी बागपत मनीष मिश्र की गिरफ्तारी के आदेश दिये हैंं।
अपर जिला जज हर्ष अग्रवाल ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि सत्र परीक्षण संख्या 318/2015, सरकार बनाम दर्पण सिंह व अन्य अन्तर्गत धारा 304बी एवं 3/4 दहेज निवारण अधिनियम थाना नौचंदी इस न्यायालय में साक्ष्य के लिए लम्बित है। यह मामला वर्ष 2015 से विचाराधीन है।
जिसमें अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में लम्बे समय से निरुद्ध है। प्रस्तुत मामले में सभी गवाहान की साक्ष्य पूर्ण की जा चुकी है। मात्र पूर्व एसपी, मनीष मिश्र, जनपद बागपत का साक्ष्य संकलित किया जाना शेष है। जोकि इस मामले में अंतिम गवाह है। प्रस्तुत मामले में कुल सात गवाह परीक्षित कराये जा चुके हैं।

गवाह मनीष मिश्र गत आठ सितंबर 2021 के पश्चात से लगातार न्यायालय द्वारा तलब किया जा रहा है, किन्तु गवाह को विगत लगभग एक वर्ष से समय नहीं मिला कि वह न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य संकलित कराये। साथ ही उनके मोबाइल नंबर 9454461030 सम्पर्क करने पर भी अवगत कराया गया है कि उनके पास समय नहीं है।
अभी उन्हें समय नहीं मिला और अभी भी लॉ एंड आर्डर ड्यूटी के लिए व्यस्त है। जबकि इस बाबत कोई भी स्थगन उनकी ओर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। जिससे स्पष्ट है कि गवाह जानबूझकर न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहा है।
गवाह पूर्व एसपी, मनीष मिश्र को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि अग्रिम नियत तिथि पर उपरोक्त गवाह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं आता है तो अभियोजन का साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जायेगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस विभाग एवं अभियोजन की होगी।

