Monday, April 27, 2026
- Advertisement -

जारी है दल बदल की राजनीति

10 9

सिद्धांत व विचारविहीन राजनीति करते हुए अपनी सुविधा,लाभ व राजनैतिक भविष्य के मद्देनजर दल बदल करना हमारे देश में एक हकीकत बन चुकी है। सच पूछिए तो वर्तमान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की पूरी सत्ता इस समय दल बदलुओं के भरोसे ही चल रही है। इस समय केंद्रीय मंत्री, मुख्य मंत्री, सांसद विधायक जैसे तमाम पदों पर कल के कांग्रेसी आज के भाजपाई बने देखे जा सकते हैं। इनमें कई तो लंबे समय तक विपक्ष की भूमिका में न रह पाने और संघर्ष व विपक्ष की राजनीति में सक्षम न हो पाने के कारण किसी न किसी बहाने से भाजपा में शामिल हुए। कई भ्रष्ट लोग जेल जाने या कानूनी कार्रवाई से बचने के लिये ‘राजनैतिक धर्म परिवर्तन’ करने को मजबूर हुए। कुछ नेता डर, लालच या भयवश इधर से उधर करने को बाध्य हुए तो दल बदल के लिए उतावले कई नेता पार्टी में अपनी उपेक्षा का बहाना बनाकर चलते बने। यह और बात है कि ऐसे अनेक लोग दल बदल कर जहां गए, वहां भी वे देखते देखते लापता हो गए। 2014 के बाद से इतने लोग दूसरी पार्टियों से भाजपा में गए हैं कि उनकी गिनती करना भी मुश्किल है।

पिछले दिनों आम आदमी पार्टी को भी उस समय एक बार फिर जबरदस्त झटका लगा जब उसके राज्यसभा के दस में से सात सांसदों ने दल बदल कर भाजपा में शरण ले ली। ये सभी सात सांसद पंजाब राज्य से निर्वाचित होकर आए थे। गौरतलब है कि इस समय आम आदमी पार्टी केवल पंजाब में ही सत्ता में है। और इसी राज्य के 7 राज्य सभा सांसदों के पार्टी बदलने के बाद अब कई विधायकों के भी दल बदल की संभावना जताई जा रही है। इस दल बदल के मुख्य सूत्रधार के रूप में राघव चड्ढा को देखा जा रहा है। राघव चड्ढा वही हैं जो कई बार यह कह चुके हैं कि भाजपा अनपढ़ व गुंडों की पार्टी है। यह गुंडों को संरक्षण देने वाली पार्टी है। राघव चड्ढा पिछले दिनों राज्यसभा में उठाए गए कई जनहितकारी मुद्दों को लेकर जनता में काफी लोकप्रिय हो गए थे।

उन्होंने संसद में गिग वर्कर्स की सुरक्षा, एयरपोर्ट पर आम लोगों को मिलने वाला महंगा खाना, गरीब आदमी का मिनिमम बैलेंस कम होने पर उसपर लगने वाली बैंक पैनल्टी, पैटरनिटी लीव, स्वास्थ्य सेवा, इनकम टैक्स जैसे अनेक मुद्दे उठाये थे। तथा इन मुद्दों पर सरकार से एक्शन लेने की मांग भी की थी। इन दलबदल करने वालों में एक राज्यसभा सांसद का नाम अशोक मित्तल है। ये उस लवली ग्रुप के मालिक हैं, जिसका वार्षिक टर्नओवर 850 करोड़ का बताया जा रहा है। मित्तल, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लवली आॅटोज, लवली स्वीट्स जैसे संस्थानों के स्वामी हैं। अभी कुछ दिन पहले ही मित्तल के लगभग सभी ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (यानी ईडी) की छापेमारी भी हुई थी। और आखिरकार इन्होंने भी भाजपा की शरण में जाकर अपने ‘व्यवसायिक साम्राज्य’ की रक्षा करने में ही अपनी भलाई समझी।

बहरहाल, जितने भी चेहरे आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में गए हैं, उनमें से किसी का भी कोई पूर्व राजनैतिक अनुभव नहीं है। हरभजन सिंह क्रिकेटर को छोड़ जिसने भी अपनी पहचान बनाई है, वह केजरीवाल व आप पार्टी के साथ काम कर ही बनाई है। हालांकि केजरीवाल व आप का साथ छोड़कर जाने वाले नेताओं की फेहरिस्त भी बहुत लंबी है। यह भी सच है कि केजरीवाल के आचरण व स्वभाव में जरूर कुछ न कुछ कमी है, जिसके चलते प्रशांत भूषण व योगेंद्र यादव जैसे अनेक बुद्धिजीवी व सुलझे हुए लोग भी केजरीवाल को छोड़कर चले गए। लेकिन ये लोग भाजपा में नहीं गए। इनकी अपनी अलग पहचान है, जिसकी बदौलत आज भी प्रासंगिक हैं और देश में पहचाने जाते हैं।

ताजातरीन दलबदल के बाद जनता की राय बिल्कुल विपरीत है। जनता इस बार के दलबदलुओं की तुलना इतिहास के गद्दार जय चंद व मीर जाफर से कर रही है। यह सरासर पंजाब के उनलोगों से धोखा व गद्दारी है जिन्होंने इन ‘दलबदलुओं ’ को मान सम्मान देकर राज्य सभा में भेजा। ऐसा माना जा रहा है कि पहले भी विभिन्न राज्यों में राजनैतिक तोड़फोड़ कर सत्ता परिवर्तन करने वाली भाजपा पंजाब में भी निर्वाचित सरकार को गिराने या अस्थिर करने के लिये आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ भी यही घिनौना खेल, खेल सकती है।

परंतु भाजपा व इनके पाले में गए अवसरवादी दलबदलुओं को इस बार यह खेल मंहगा पड़ सकता है। क्योंकि इस दल बदल से आम जनता में भारी रोष है। कई किसान नेता भी खुलकर इन अवसरवादियों के विरुद्ध मैदान में आ गए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि इन लोगों का भविष्य में जनता के बीच जाना आसान नहीं होगा। इस बात की भी उम्मीद की जा रही है कि भाजपा ने अगले वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले जिन उम्मीदों से ‘आपरेशन लोटस’ चलाया था, उन उम्मीदों पर भी पानी फिरने वाला है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि इस राजनैतिक घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी को नुक़सान हुआ भी तो भी भाजपा को कोई फायदा नहीं मिलने वाला। बजाये इसके कांग्रेस जरूर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है।

उधर कानूनी जानकारों का भी कहना है कि यह सातों सांसद भले ही दो तिहाई सदस्यों के पार्टी छोड़ने को दल बदल कानून के दायरे से बाहर बता रहे हों, परन्तु वास्तव में ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांसदों से पहले यदि आम आदमी पार्टी के सदस्यों द्वारा बाकायदा दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर पार्टी छोड़ने की घोषणा की गई होती उसके बाद ही सांसदों का दो तिहाई दल बदल कानूनी रूप से सही माना जाता। चूंकि पार्टी की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं है इसलिए इन सभी का दलबदल पूरी तरह गैरकानूनी है। लिहाजा यदि राज्यसभा के सभापति से लेकर अदालत तक ने समय रहते ईमानदारी से फैसला किया तो इन सभी दलबदलुओं की राज्यसभा सदस्यता जा सकती है।

बहरहाल, यह महाराष्ट्र नहीं जहां भाजपा ने शिवसेना में विभाजन कराकर सत्ता हथियाने का चक्रव्यूह रचा था। बल्कि यह वह पंजाब है, जिसने किसान आंदोलन में इसी सरकार को नाकों चने चबाने और विवादित कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर कर दिया था। पंजाब में ही कांग्रेस व अकाली दल छोड़कर अपने ‘उज्जवल राजनैतिक कैरियर’ की तलाश में भाजपा में शामिल अनेक प्रमुख नेताओं का आज कोई अता पता ही नहीं है। भारतीय राजनीति के इन जय चंदों और और मीर जाफरों को भी न तो पंजाब की जनता बख़्शने वाली है न ही भाजपा में इन्हें वह मान सम्मान व अवसर मिलने वाला है जो इन्हें आम आदमी पार्टी में हासिल था। ऐसा न हो कि ये नेता कहीं के भी न रहें?

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

यज्ञ और वैदिक कर्मकांड से अधिक फल देता है मोहिनी एकादशी व्रत

पंडित पूरनचंद जोशी हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह में...

धर्म को आचरण और व्यवहार में उतारने की जरूरत

राजेंद्र बज यह एक स्थापित तथ्य है कि विशुद्ध रूप...

वोट में ही क्या धरा है?

ये लो कर लो बात। विधानसभा चुनाव का वर्तमान...

ट्रंप के लिए न निगलते न उगलते जैसे बने हालात

भारत के खिलाफ 23-24 अप्रैल की हालिया टिप्पणी और...

Naagin 7: शो बंद होने वाला है या नहीं? ‘नागिन 7’ पर एकता कपूर ने किया खुलासा

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here