जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के व्यापमं में आरक्षक भर्ती में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को बैठा परीक्षा पास करने के मामले में 5 आरोपियों को सात-सात जेल की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। सीबीआई व्यापमं प्रकरण के विशेष न्यायाधीश नीति राज सिंह सिसोदिया ने गुरुवार को आरोपियों को सजा सुनाई। कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने अग्रिम विवेचना कर पूरक अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था।
सीबीआई के लोक अभियोजक मनुजी उपाध्याय ने बताया कि व्यापमं ने 2013 में मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। 7 अप्रैल 2013 को आयोजित परीक्षा में चार परीक्षार्थियों कमल किशोर, अमर सिंह, नागेंद्र सिंह तथा सुरेश सिंह ने अपने स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठा कर लिखित परीक्षा पास करने दलालों से मिलीभगत कर परीक्षा पास की थी। नागेंद्र सिंह के स्थान पर रवि कुमार राजपूत ने परीक्षा दी थी। इसके बाद चारों परीक्षार्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में पास हो गए थे।
कोर्ट ने कुल 32 गवाहों, 220 दस्तावेजों तथा 19 आर्टिकल के आधार पर 04 परीक्षार्थियों कमल किशोर, अमर सिंह, नागेंद्र सिंह तथा सुरेश सिंह तथा एक प्रतिरूपक रवि कुमार को सजा सुनाई है। सभी को कोर्ट ने ने सात सात वर्ष कठोर कारावास तथा दस हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया है।

