- करवा चौथ का पर्व परिवारों में हर्षोल्लास से मनाया गया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करवा चौथ का पर्व पूरे जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रात सवा आठ बजे के करीब चांद दिखते ही महिलाओं के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। कई जगहों पर आतिशबाजी की गई और धूमधड़ाके के साथ डांस भी हुआ।
रंग बिरंगे और आकर्षक परिधानों में सजी महिलाओं ने चांद का दीदार हाईटेक छलनियों से किया और पति देव के हाथ से पानी पीकर व्रत को तोड़ा। करवा चौथ की पूर्व संध्या पर महिलाओं न सड़कों पर लंबा इंतजार करके मेहंदी लगवाई थी और काफी वक्त ब्यूटी पार्लरों में गुजारा था।

अलसुबह सरगी करने के बाद महिलाओं ने चांद का दीदार होने तक व्रत रखा। अधिकांश महिलाओं ने शाम के वक्त कहानी सुनकर चाय और पानी पी लिया था लेकिन महिलाओं के एक बड़े वर्ग ने चांद का दीदार होने के बाद ही पानी को ग्रहण किया। पांच दिन पहले कहा जा रहा था कि करवा चौथ के दिन बारिश हो सकती है। इसको लेकर महिलायें काफी परेशान थी कि क्योंकि 2021 में करवा चौथ के दिन बारिश हुई थी।
कालोनी हो या मोहल्ले महिलाओं ने ग्रुप बनाकर मेंहदी लगवाई और ग्रुप बनाकर ही कहानी सुनी। उमेश विहार ट्रांसपोर्ट नगर में ऐश्वर्या विज, मधु विज, प्रीति छाबड़ा और अनीता विज ने करवा चौथ की कथा सुनने के बाद चांद का दीदार कर व्रत खोला। मेरठ और आसपास के जिलों में बादल न होने से चंद्रमा का दीदार समय पर हुआ। महिलाओं ने अर्घ्य देकर निर्जल व्रत खोला और घर में बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

दो दिन पहले तक हुई लगातार बारिश के बाद गुरुवार को दिन की शुरुआत धूप के साथ ही हुई। करवाचौथ पर्व पर मौसम सामान्य बना रहा। इससे रात में चांद के दीदार भी महिलाओं को आसानी हुुुुई। पिछले साल महिलाओं ने चेन्नई, बंगलुरु, चंडीगढ़ और अन्य शहरों में रहने वाले दोस्तों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन पर चंद्रमा दर्शन कर अपना अपना व्रत पूर्ण किया था, और कुछ ने पति के दर्शन करके ही व्रत खोला था।
जेल में 47 महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा
विभिन्न अपराधो में जेल में बंद महिलाओं ने अपने पति की दीघार्यु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा। शाम के वक्त महिलाओ ने करवा देवी की कहानी भी सुनी। जेल महानिदेशक आनंद कुमार के निर्देशन मे जिला कारागार मेरठ में निरुद्ध महिलाओं में से कुल 47 महिलाएं ने अपने पति की दीघार्यु के लिए श्रद्धा एवं आस्था के पर्व पर करवा चौथ का व्रत रखा है।
व्रत रखने वाली सभी महिलाओं के लिए व्रत से संबंधित सामग्री यथा करवा, कैलेंडर छलनी, मिठाई इत्यादि सामग्री कारागार प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त कारागार में निरुद्ध सुहागिन महिलाएं जिन्होंने व्रत रखा है। उनको चांद निकलने पर कारागार मे निरुद्ध उनके पतियों से कारागार नियमों के अंतर्गत मिलवाया गया। वो क्षण बहुत भावुक था।
जब जेल में महिलाएं जेल में बंद अपने पतियों से मिलने गई और उनकी आंखों में आसूं आ गए। कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी थे। जैसे ही आसमान में चांद दिखाई दिया। महिलाओं के चेहरे खिल गए और उन्होंने छलनी से अपने पति और चांद को निहारा और बाद में उनके हाथ से पानी पिया।

