जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी पूर्व सांसद डिम्पल यादव ने कहा है कि मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव नेताजी और जनता का है। आज महंगाई चरम पर है। सिलेंडर 1100 रुपयों में हो गया है। एक गृहणी के लिए यह सब कितना मुश्किल होता है। उन्होंने मैनपुरी समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पार्टी की महिला नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि आप सब मुझे ये चुनाव जिताएंगे।
यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू कराई थी, कन्या विद्या धन की शुरुआत की थी। मौजूदा भाजपा सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती है और जनता को धोखा देती है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव नेताजी के सम्मान का चुनाव है। मुझे उम्मीद है कि आप सब उनका सम्मान रखेंगे। नेताजी ने सदैव सबका सम्मान रखा था, उनकी सोच और विचारों को हम सब आगे लेकर जाएंगे।

डिम्पल यादव ने कहा कि मैं चाहती हूं कि हर बूथ पर एक महिला हो। पुरुषों से ज्यादा महिलाएं आगे रहें। मेरा उद्देश्य है कि मैं आपसे सीधे जुड़ सकूं। जिसके लिए मैं एक नंबर भी जारी करूंगी। इसके पश्चात् उन्होंने एक नम्बर भी जारी किया और महिलाओं से आग्रह किया कि वह सभी इसके माध्यम से उनसे जुड़ सकती हैं। वहीं बिधूना विधायक श्रीमती रेखा वर्मा जी ने कहा कि नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब सब साइकिल का बटन दबाकर डिम्पल जी को भारी मतों से विजयी बनाएंगे।
इस दौरान मैनपुरी समाजवादी महिला सभा की निवर्तमान जिलाध्यक्ष ज्योति मेसी, डॉ सुमन यादव, साधना गुप्ता, श्रीदेवी दिवाकर, विद्या कश्यप, वित्तन शाक्य, अफसरी बेगम, नीता कठेरिया, पूनम यादव, रेखा शाक्य सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
अखिलेश यादव ने कहा है कि लाख प्रयासों के बावजूद भाजपा सरकार जब उत्तर प्रदेश में निवेष के नाम पर कुछ नहीं जुटा पाई तो अब जनता को गुमराह करने के लिए विदेशों का रंगीन सपना दिखाने में लग गई है। साढ़े पांच साल से ऊपर भाजपा को सत्ता में रहते हो गया, कई-कई बार इन्वेस्टमेंट समिट करने में पूरी ताकत लगा देने के बाद भी नतीजा शून्य रहा। जनता पूछती है कि जब देश के उद्योगपति उत्तर प्रदेश में नहीं आ रहे हैं तो सुदूर देशों से कौन उद्यमी यहां आने की सोचेगा?
ऐसा लगता है कि अब भाजपा नेता भी जान गए हैं कि भाजपा दिन गुजार कर चली जायेगी। तमाम वादों की हकीकत लोग जान गए हैं ऐसे में भाजपा के अच्छे दिन आने वाले नहीं है। भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने इसलिए अब विदेश यात्रा का प्लान बना लिया है। उनका हवा पानी बदल जाएगा। कुछ सैर सपाटा भी हो जायेगा। परेशान हाल प्रदेश की जनता की शिकायतों से भी पिण्ड छूट जायेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरे सरकारी अमले के साथ विदेशी निवेशकों और कम्पनियों को आमंत्रित करेंगे। इससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की भूमिका बनाएंगे जो लखनऊ में सन् 2023 में होगी। मुख्यमंत्री लंदन, न्यूयॉर्क, डलेस, शिकागो, सैनफ्रांसिसको की यात्रा करेंगे। उनके दो उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के कई सदस्य भी इस दौरे में जाएंगे।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रीगण के अलावा दो दर्जन से ज्यादा आई.ए.एस., इनवेस्ट यूपी के अधिकारी और कुछ उनके सहायक ये सब मिलकर 20 देशों में जाने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। इस यात्रा के प्रचार-प्रसार, परिवहन तथा विदेश में रहने, निवेशकों से मिलने-मिलाने आदि में तमाम व्यय होंगे। अगर उसके बराबर भी निवेश पाने की गारंटी हो तो बड़ी बात होगी। कहीं यह उत्तर प्रदेश का रहा सहा व्यापार भी चौपट करने की साजिश तो नहीं है।
वैसे अभी तक तो भाजपा सरकार का कोई निवेश यहां नहीं दिखा है। न कहीं उद्योग लगा, नहीं कहीं निवेश की परछाई भी दिख रही है। इसके विपरीत समाजवादी सरकार में जो निवेश सम्मेलन हुए उसके फलस्वरूप प्रदेश में आईटी सिटी, मेट्रो रेल, नोएडा में सैमसंग तथा अन्य मोबाइल प्लांट सहित कई माल खुले। भाजपा तो समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बताकर वाहवाही लूट रही है।
भाजपा सरकार विदेश प्रवास पर जा रही है तो अच्छा होता वहां अपने मातृ संगठन आरएसएस के एजेण्डा के तहत स्वदेशी का भी प्रचार करती। निवेश यात्रा से आशा के बजाय प्रदेश से निर्यात की नई संभावनाएं तलाशती। कुछ भारतीय रीति रिवाज, यहां के खानपान, यहां के उत्पाद का भी विदेशियों को परिचय देती। लेकिन भाजपा सरकार अपनी गिरती साख को छुपाने के लिए मंत्रिमण्डल को विदेश भ्रमण कराने ले जा रही है। भाजपा सरकार से ऐसे में आशा कैसे की जा सकती है कि वह निवेशक समिट कराने के लिए विदेश यात्रा पर जो अपव्यय कर रही है उतने में तो उत्तर प्रदेश में कुछ ना कुछ विकास गति बढ़ जाती?

