- करीब एक हजार होम बार मौजूद, किसी के पास लाइसेंस नहीं
- लाइसेंस की आबकारी विभाग कर रहा अपील
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूं तो मेरठ में शराब के शौकीनों की कोई कमी नहीं है, बड़ी संख्या में लोगों नें अपने घरो में होम बार भी बना रखे हैं, लेकिन पूरे जिले में एक भी होम बार के लिए आबकारी विभाग से लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। जबकि आबकारी विभाग लगातार ऐसे लोगों से लाइसेंस लेने की अपील कर रहा है। जिन्होंने अपने घरों में बार बना रखे हैं, लेकिन आजतक भी किसी ने अपने घर में बने बार के लिए लाइसेंस का आवेदन तक नहीं किया हैं। निजी बार के लिए ये है नियम।
निजी बार में सीमित होती है शराब की मात्रा
निजी बार के लाइसेंस के लिए आवेदनकर्ता को विदेशी शराब को सीमित मात्रा में ही रखने का अधिकार हैं। इसके साथ ही केवल उस शराब को ही अपने निजी बार में रखा जा सकता है, जो प्रदेश में बिकती हैं। गैर राज्य की शराब को निजी बार में रखने पर पाबंदी हैं।
इसके साथ ही व्यक्तिगत होम लाइसेंस परिसर में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, अतिथि व मित्र जो वयस्कों हो को बिना किसी शुल्क के मदिरा पान कराया जा सकता हैं। लाइसेंस लेने के लिए फीस का भुगतान करने के बाद पात्र आवेदकों को ही जिलाधिकारी द्वारा लाइसेंस देने की स्वकृति मिलती है।
11 हजार रुपये सालाना है फीस
निजी बार के लिए शासर स्तर से 11 हजार रुपये सालाना फीस ली जाती है। जबकि 25 हजार रूपये एकमुश्त सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा कराना होता है जो लाइसेंस समाप्त होने के बाद उसका रिन्यूवल नहीं कराने पर वापस मिल जाता है।
आवेदक को निजी बार के लिए आबकारी विभाग में फीस जमा करानी होती हैं।
इसके साथ ही लाइसेंस के लिए पांच सालों से आयकर देनें वाले, उसकी रिर्टन स्वप्रमाणित प्रति भी देनी होती है। साथ ही निजी बार के लिए आवेदन पत्र के साथ आवेदक के पैन कार्ड व आधार कार्ड की स्वयं प्रमाणित कॉपी लगाना अनिवार्य है। आवेदक जहां अपने परिवार के साथ रहता है उसी जगह के लिए लाइसेंस स्वीकृत किया जाता है।
नियमों का पालन जरूरी
आवेदन करते समय निजी बार के लिए शपथपत्र देना होता है जिसमें करार होता है कि 21 साल से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को निजी बार परिसर मे प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही कोई भी अवैध मादक पदार्थ नहीं रखा जाएगा। लाइसेंस की शर्तो का उल्लघंन होनें पर लाइसेंस धारक के खिलाफ संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई होने का प्रावधान है। वहीं कार्रवाई के बाद जमा की गई सिक्योरिटी मनी को भी राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का प्रावधान है।
निजी बार का लाइसेंस आजतक नहीं हुआ जारी
यह बेहद गंभीर विषय है कि पूरे जिले में आजतक कोई निजी बार का लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। इसके पीछे वजह यह सामने आ रही है कि लोग निजी बार का लाइसेंस लेने के बाद नियमों से बंध जाते हैं, लेकिन यदि किसी स्थान पर निजी बार चलता पाया जाता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। -आलोक कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।

