- दिव्यांगों की मदद करना बनाया अपने जीवन का मकसद
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: किसी शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न मानकर हौसला बुलंद कर दूसरों के लिए उदाहरण बनने वाले बहुत कम लोग होते हैं। क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर निवासी दिव्यांग एमआर पाशा इसी का उदाहरण हैं, जो ना केवल दिव्यांगता को हराकर स्वयं आगे बढ़े, बल्कि हजारों दिव्यांगों के जीवन में आशा की किरण पैदा कर रहे हैं।

