Friday, March 20, 2026
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दो भाइयों ने जाली दस्तावेजों से की सरकारी नौकरी

  • एक भाई ने पिता और दूसरे भाई ने मां के नाम पर हासिल की नौकरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक ऐसा मामला जिसमें न सिर्फ सरकारी तंत्र की कमजोरियों का फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेजों द्वारा सरकारी नौकरी हासिल की। बल्कि सरकार को भी दोनों भाईयों ने कारोड़ो रूपये का चूना लगा दिया। फर्जीवाड़े की सच्ची कहानी ने सरकारी अमले की कारगुजारी को भी उजागर किया है। एक दो नहीं बल्कि 23 से 25 सालों तक विभाग ने भी इसे छिपाकर रखा।

हालांकि अब मामला खुलने के बाद दोनों भाइयों को नौकरी से हटा दिया गया है, लेकिन उनके खिलाफ आज भी कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। पूरे प्रकरण में विभाग के तत्कालीन अधिकारियों से लेकर जिम्मेदार कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर होती नजर आ रही है।

पहले भाई देवेन्द्र ने पिता को अध्यापक बताकर जाली दस्तावेज तैयार करके 1997 में नौकरी हासिल की। उसकी पहली पोस्टिंग भी प्राथमिक विद्यालय राली चौहान में हुई जिसके बाद लगातार नौकरी करता रहा। जांच में यह बात सामनें आ चुकी है कि उसके पिता बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी नहीं करते थे बल्कि वह एक किसान थे।

बावजूद इसके उसने धोखाधड़ी कर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाई। दूसरे भाई की करतूत भी इससे जुदा नहीं है। योगेन्द्र कुमार ने 1999 में अपनी मां कृष्णा देवी को बागपत के एक विद्यालय चमरावल में शिक्षिका बताकर उनकी मौत के बाद जाली दस्तावेज तैयार कराकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (अनुचर) की नौकरी हासिल की थी।

जांच होने पर इस बात का खुलासा हुआ है कि वर्ष 1975 से 2002 तक उक्त विद्यालय में कृष्णा देवी नाम की कोई शिक्षिका थी ही नहीं। न ही इस नाम की किसी शिक्षिका के दस्तावेज कभी स्कूल में मौजूद रहें है।

दोनों भाइयों ने रची साजिश

अब सवाल यह उठता है कि दोनों भाई देवेन्द्र व योगेन्द्र नें विभाग के किसी अधिकारी को विश्वास में लेकर फर्जीवाड़े की साजिश रची। बिना किसी विभागीय अधिकारी की मिली भगत के इतना बड़ा षड़यंत्र नहीं रचा जा सकता। 25 नवंबर 2022 को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश पर भरोसा किया जाए

तो आदेश के सात दिनों के भीतर दोनों साजिशकर्ताओं के खिलाफ मुकदमें दर्ज हो जाने चाहिए थे। लेकिन अभी भी विभाग इन शातिरों की पत्रावली ही ढूंड रहा है। इसके साथ ही दोनों ने सरकार को जो आर्थिक क्षति पहुंचाई है उसकी रिकवरी को लेकर भी विभाग के अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे रहें है।

फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही हैं। इनके द्वारा अभी तक कितना पैसा सरकारी खजानें से लिया जा चुका है। उसका पूरा ब्यौरा निकलवाया जा रहा है। इसके साथ ही रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी इनके खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी का मामला पंजीकृत नहीं हो सका है। रिकवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकदमा भी दर्ज होगा। -कमल राज, खंड शिक्षा अधिकारी रजपुरा

दोनों भाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभी तक इनके द्वारा की गई धोखाधड़ी का ब्योरा प्राप्त किया जा रहा है। साथ ही दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी तैयारी है। -योगेन्द्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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