जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के 60 वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को होमगार्ड मुख्यालय में भव्य रैतिक परेड का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने रंग-बिरंगे झंडे से सुसज्जित परेड ग्राउंड पर सेरेमोनियल वर्दी से सजी महिला तथा पुरुष जवानों की सशस्त्र, यातायात तथा फायर फायटिंग प्लाटूनों के द्वारा प्रदर्शित रैतिक परेड का मान-प्रणाम स्वीकार किया गया।
रैतिक परेड में होमगार्ड जवानों के प्रदर्शन, देशभक्ति गीतों की बैण्ड धुन और अधिकारियों-कर्मचारियों के उत्साह ने अद्भुत दृश्य सृजित कर परेड ग्राउण्ड पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों-उच्चाधिकारियों एवं जन-मानस को रोमांचित कर दिया। धर्मवीर प्रजापति ने अपने संबोधन कहा कि होमगार्ड के जवानों ने सभी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। होमगार्ड के जवानों की भूमिका शासन प्रशासन के सभी विभागों में रहती है।
इनका जुड़ाव समाजसेवी के रूप में भी रहता है। होमगार्ड के जवानों का योगदान अपनी ड्यूटी के साथ-साथ समाज सेवा के रूप में भी देखने को मिलता है। उन्होने कहा कि हम अधिकारी कर्मचारी के साथ-साथ एक इंसान भी हैं, यह हमारे होमगार्ड के जवानों ने करके दिखाया है। प्रजापति ने कहा कि वर्तमान सरकार का पिछला कार्यकाल निरंतर प्रगति का कार्यकाल रहा है। पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों की चिंता करते हुए भत्ते, ड्रेस इत्यादि को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सकारात्मक सोच के साथ विभाग के साथ हैं। कोरोना कालखंड में हमारे जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अपनी तथा अपने परिवार की चिंता न करते हुए विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
होमगार्ड विभाग: स्थापना के 60 वर्ष पूरे
अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार ने कहा कि होमगार्ड विभाग ने अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे किए हैं। इस दौरान होमगार्ड विभाग ने अपनी प्रगति के नए-नए आयाम तय करते हुए अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जवानों के भत्ता, ड्यूटी, एरियर के ससमय एवं पारदर्शिता के साथ भुगतान हेतु ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। होमगार्ड जवानों का पुलिस बल के साथ सहयोगी बल की भूमिका में महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान में पुलिस विभाग के अधिकांश दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के चालक के रूप में होमगार्ड जवान अपना योगदान दे रहे हैं। डायल 112 के अधिकांश वाहनों में होमगार्ड के जवान चालक के रूप में पुलिस के जवानों का सहयोग कर रहे हैं।

