जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: कुपोषण के खात्मे के लिए सरकार प्रयत्नशील है। इसी कड़ी में पोषण अभियान 2.0 चलाया जा रहा है। गुरुवार को विकास भवन सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सहयोग ऐप का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम पीएसयू टीम के नेतृत्व में हुआ। उद्घाटन जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने किया।
बता दें कि सरकार कुपोषण के खात्मे के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों की इस दिशा में अहम भूमिका है। गुरुवार को इसी क्रम मेें विकास भवन सभागार में समस्त मुख्य सेविकाओं, समस्त सीडीपीओ को प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी खुद मौजूद थीं। आशा त्रिपाठी ने बताया कि यह दो दिवसीय कार्यशाला है जो कि कल (आज) 16 दिसंबर को भी आयोजित की गई है।
उन्होंने बताया कि सहयोग ऐप और प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को और सशक्त बनाना है। साथ ही संसाधन उपलब्धता को बढ़ाना है। इसके माध्यम से मुख्य सेविका या सीडीपीओ सहयोग ऐप के माध्यम से किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर वहां का आकलन कर सकेंगे। जैसे ही और जिस केंद्र की फीडिंग सहयोग ऐप में होगी तो तुरंत संबंधित सूचना भारत सरकार और राज्य सरकार को प्राप्त हो जाएगी। मुख्यत: केंद्र की स्थिति क्या है , वहां पर कार्य शैली किस प्रकार की चल रही है, इसकी जानकारी करना प्रमुख उद्देश्य है।
इस बहाने आंगनवाड़ी केंद्र को सक्षम बनाना है। पोषण अभियान 2.0 के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को सक्षम और शक्तिशाली बनाए जाने के दिशा में सहयोग ऐप अभिनव प्रयोग है। यह एक अभूतपूर्व प्रयास है। सहयोग एप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित किया गया है। बताया कि आईसीडीएस विभाग द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण तथा पर्यवेक्षण में पूर्णता सहयोग प्रदान करेगा।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में पीएसयू के तकनीकी सहायक सुखविंदर सिंह, बाल विकास योजना अधिकारी श्रीमती अनीता सोनकर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुश्री अर्चना कुमारी, श्रीमती सुनीता चौधरी, रेखा कौशिक तथा समस्त 30 मुख्य सेविकाएं उपस्थित थे।

