जनवाणी संवाददाता |
धामपुर: वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र सिंह ने कहा कि समाज में जब तक सभी वर्गों की लड़कियों और महिलाओं को समान अवसर नहीं मिलेंगे तब तक समानता सही मायने में एक ख्वाब ही रहेगी। यह समानता केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक भागीदारी में भी दिखनी चाहिए। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि आज 30 साल बाद भी महिला आरक्षण बिल ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। सबका साथ सबका विकास एक खोखला नारा है।

