जनवाणी ब्यरो |
नई दिल्ली: भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री के दिग्गज और बिकाजी ब्रांड के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। उनके निधन से व्यापार जगत में शोक की लहर है।
पत्नी की देखभाल के लिए चेन्नई में थे
जानकारी के अनुसार, अग्रवाल पिछले कुछ समय से चेन्नई में रह रहे थे, जहां उनकी पत्नी की हाल ही में बायपास सर्जरी हुई थी। गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हल्दीराम परिवार से जुड़ी विरासत
शिव रतन अग्रवाल का संबंध प्रतिष्ठित हल्दीराम परिवार से था। वह गंगा बिशन हल्दीराम के पोते थे। हालांकि, उन्होंने पारिवारिक व्यवसाय से अलग अपनी पहचान बनाने का निर्णय लिया।
बिकाजी की स्थापना और सफलता की कहानी
अग्रवाल ने 1986 में अपने उद्यम की शुरुआत की और 1993 में बिकाजी ब्रांड लॉन्च किया। कंपनी का नाम Rao Bika के नाम पर रखा गया, जो बीकानेर के संस्थापक थे। उनका लक्ष्य बीकानेरी भुजिया और पारंपरिक भारतीय स्वाद को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना था। आज बिकाजी नमकीन, मिठाइयों और रेडी-टू-ईट उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है।
उद्योग जगत में शोक
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि अग्रवाल एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने पारंपरिक स्वाद को आधुनिक व्यावसायिक रणनीतियों से जोड़ा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बीकानेरी भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शिव रतन अग्रवाल का निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

