- काकोरी कांड के शहीदों की स्मृति में यज्ञ
- पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक और ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से भारत को आजादी मिली थी।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर आयोजित यज्ञ में काकोरी घटना के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल आजादी आंदोलन के महान क्रांतिकारी थे। स्वामी सोमदेव और आर्य समाज की प्रेरणा से विद्यार्थी जीवन में देशभक्ति का जज्बा जगा। युवावस्था में ही उन्होंने 11 किताबें लिखी, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने जब्त कर लिया था। काकोरी केस में बिस्मिल और उनके साथियों ठाकुर रोशन सिंह तथा अशफाक उल्ला खान ने देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे को गर्व से पहना था। राष्ट्र शहीदों और देशभक्तों का ऋणी है। इस मौके पर वैदिक संस्कृति की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय आर्य संरक्षणी सभा के अध्यक्ष आचार्य संजीव कुमार आर्य को शॉल और सम्मान राशि भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया।
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व प्रधान आंनद पाल सिंह आर्य, आर.पी.शर्मा, राष्ट्रीय हिंदी परिषद के जिलाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह, जनेश्वर प्रसाद आर्य, गजेंद्र राणा ने विचार रखे। डॉ. सतीश कुमार, मंगत सिंह आर्य, डॉ. नीरज शास्त्री, अनिल आर्य आदि मौजूद रहे। उधर, गांधी कालोनी स्थित आर्य समाज मंदिर में प्रातः काकोरी कांड के शहीदों की स्मृति में यज्ञ किया गया। यज्ञमान विजयपाल सिंह और ब्रह्म इंद्रपाल सिंह आर्य रहे। वक्ताओं ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाये।
गजेंद्र सिंह राणा, जय पाल धीमान, जवाहर लाल अरोरा, प्रमोद कुमार, संगीता राठी, नीलम ढिंगरा, ओमवती, कांता आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

