- पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति के बाद से अब जल्द ही शुरू होगा कार्य
- पीडब्ल्यूडी पेड़ों को काटना या शिफ्ट की प्रक्रिया करेगा आरंभ
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गंगनहर पटरी-टू को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मिल गई है। अब जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। सर्वप्रथम पीडब्ल्यूडी गंग नहर पटरी टू पर जो पेड़ है, उन्हें शिफ्ट करना या फिर काटने की प्रक्रिया आरंभ करेगा। इसके लिए वन विभाग से पीडब्ल्यूडी ने पत्र लिखकर कहा है कि इसमें कितने पेड़ हैं और जो पेड़ काटे जाएंगे उनका विवरण तथा आने वाला खर्च का ब्यौरा भी मांगा गया है, ताकि पीडब्ल्यूडी विभाग यह धनराशि वन विभाग को उपलब्ध करा दें।
चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर पटरी-टू की फाइल लंबे समय से केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय में लंबित पड़ी थी, तभी से इस पर कोई काम नहीं हुआ। धनराशि स्वीकृत होने के बाद अवमुक्त भी हो चुकी थी, जिसे काम नहीं चलने पर सरकार ने वापस ले लिया था। धनराशि वापस सिर्फ इस वजह से हुई थी कि पर्यावरण मंत्रालय से इसके लिए अनुमति नहीं मिल रही थी। भारत सरकार से स्वीकृति मिलते ही गंगनहर पटरी-टू के नव-निर्माण के लिए कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शासन ने चौ. चरण सिंह कांवड़ गंगनहर पटरी-टू मार्ग के दोहरीकरण के लिए 628.74 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत किया था, जिसमें मुजफ्फरनगर से मेरठ होते हुए गाजियाबाद जिले तक 111.49 किमी पटरी मार्ग का निर्माण होना है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन एसके सारस्वत ने बताया कि गंगनहर पटरी-टू के निर्माण से पहले जो फाइल पर्यावरण में लंबित चल रही थी, उसे एनओसी मिल गई हैं। अब वन विभाग को पत्र लिखा गया है कि कितने पेड कटेंगे, उनका खर्च कितना होगा? यह पूछा गया हैं, ताकि यह धनराशि वन विभाग को उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यूपी सरकार से इसके लिए धनराशि अवमुक्त हो चुकी थी, लेकिन लंबे समय तक केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय में फाइल लटकी रही। अब एनओसी मिल गई हैं, जिसके बाद जल्द ही इस पर काम चालू होगा। इस गंगनहर पटरी-टू के निर्माण से दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले ट्रैफिक को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। ज्यादातर ट्रैफिक मेरठ से होकर ही हरिद्वार जाता हैं, जो इस पर निर्माण होने के बाद डायवर्ट हो जाएगा। नौ मीटर चौड़ाई इस सड़क की रहेगी।
628.74 करोड़ रुपये इस सड़क निर्माण पर खर्च होंगे। वन विभाग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा तथा इस रिपोर्ट में पेड़ों की मौजूदा स्थिति, सड़क की चौड़ाई, पुलों का निर्माण व यातायात समेत कई प्रकार की जानकारी शामिल की गई हैं। कांवड़ गंगनहर पटरी-टू मार्ग के नोडल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है।
गंगनहर पटरी मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम व सिंचाई विभाग मिलकर करेंगे। इसमें पुलों के निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम व सिंचाई विभाग और सड़क की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। इसी दिशा में पीडब्लयूडी के अधिकारियों ने तेजी से काम आरंभ कर दिया हैं। जल्द ही गंगनहर पटरी-टू पर काम होता दिखाई देने वाला हैं।

