Tuesday, March 17, 2026
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रैपिड में लीजिए जमीनी ‘हवाई जहाज’ का आनंद

  • हवाई जहाज से मुकाबले के लिए तैयार ‘मेक इन इंडिया’ ट्रेन
  • 160 की स्पीड से दौड़ी रैपिड तो खिले एनसीआरटीसी अधिकारियों के चेहरे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कहते हैं कि जब मेहनत का फल मिलता है और सपने साकार होते दिखते हैं तो उसका अपना अलग ही मजा होता है। दो दिन पहले जब रैपिड 160 की स्पीड से ट्रैक पर दौड़ी तो एनसीआरटीसी के अधिकारियों की आंखों की चमक कामयाबी वाली मुस्कान उनके चेहरे की रौनक में चार चांद लगा रही थी। फाइनल ट्रायल रन हालांकि अभी होना बाकी है, लेकिन ‘साइलेंट ट्रायल’ के दौरान ही जब ट्रेन फुल स्ट्रेंथ के साथ दौड़ी तो अपने पीछे सफलता व एनसीआरटीसी के अधिकारियों व इंजीनियर्स की मेहनत की कहानी भी बयां करती गई।

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रैपिड एक आधुनिक ट्रेन है। इसे धरती का हवाई जहाज भी कहा जा रहा है। हाईटेक फीचर्स वाली यह देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन पूरी तरह से अर्थात 100 फीसदी ‘मेक इन इंडिया’ टैक्नोलॉजी पर आधारित है जो देश की तकनीक के लिए गर्व की बात है। दरवाजों में सेंसर से लेकर चार्जिंग प्वॉइंट, वाईफाई सुविधा, शानदार सोफेनुमा कुर्सियां, विकलांगों व मरीजों के लिए उनके हिसाब की कुर्सियां व स्ट्रेचर, सामान के लिए आधुनिकतम लगेज रैक, प्रीमियम से लेकर स्टैंडर्ड कोच, इंटेग्रेटेड एसी सिस्टम व आॅटोमैटिक डोर कंट्रोल सिस्टम से लेकर डायनेमिक रूट मैप यानि कि सारी सुविधाएं हवाई जहाज से टक्कर लेती हुर्इं।

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सराय काले खां से लेकर मोदीपुरम तक 25 स्टेशनों पर प्रतिदिन आठ लाख लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली रैपिड ट्रेन देश के रेल ढांचे में परिवर्तन की अलख जगाएगी। कुल मिलाकर एनसीआरटीसी अधिकारियों के सटीक दिशा निर्देश व इस प्रोजेक्ट से जुड़े तमाम इंजीनियर्स की बेजोड़ तकनीक के साथ साथ सभी कर्मचारियों की जीतोड़ मेहनत शीघ्र ही दिल्ली से मेरठ व पूरे एनसीआर के लोगों के लिए एक मिसाल कायम करने जा रही है।

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