Monday, April 6, 2026
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जिस गाय की गोबर का करते हैं आलोचना, अब उसी से चलेगी कार

पेट्रोल और डीजल का जमाना गया, जल्द मारूति सुजुकी लाएगी नई टेक्नोलॉजी


नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉट कॉम वेबसाइट पर आपका अभिनंदन और स्वागत है। अभी के दौर में तो पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से वाहन चलते हुए देख रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा था कि जिस गाय और उसके गोबर की हम आलोचना करते हुए थकते नहीं थे अब उसी गाय की गोबर से वाहन फर्राटे मारकर दौड़ते हुए नजर आएंगे। और हां यह तकनीक भारत में मारूति सुजुकी कंपनी लगाने जा रही है।

ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी अब एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है कि आने वाले समय में कारें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी पर नहीं और न ही बैटरी पर चलेंगी। अब आने वाले समय में कारें गोबर पर चलेंगी। एक तरफ कंपनी की प्लानिंग है कि 2030 तक 6 नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च की जाएंगी वहीं एक और बड़े प्रोजेक्‍ट पर कंपनी काम कर रही है। ये प्रोजेक्ट गाय के गोबर की मदद से कारों को चलाने का है।

बढ़ते प्रदूषण और महंगी तकनीक से मिलेगा छुटकारा

बढ़ते पॉल्यूशन और महंगी टेक्नोलॉजी से निपटने के लिए कंपनी ने इस परियोजना पर काम करना शुरू किया है। इसके लिए कंपनी बायोगैस का यूज करेगी। इस बायोगैस का निर्माण गाय के गोबर से किया जाएगा। देश के गांवों में खासकर डेयरी अपशिष्ट की मात्रा ज्यादा होती है और इसकी मदद से बायोगैस का निर्माण आसानी से किया जा सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कार बाजार में सीएनजी वाहनों का हिस्सा करीब 70 प्रतिशत है। ऐसे में यदि बायोगैस को किसी भी तरह से सीएनजी के कंटेंपररी लाया जा सके तो ये एक बड़े फायदे का सौदा होगा। सुजुकी ऐसे ही एक समाधान की ओर सोच रही है और इसके लिए नई टेक्नोलॉजी को डेवेलप किया जा रहा है। सुजुकी बायोगैस को इसी के साथ आने वाले समय में अफ्रीका, आसियान और जापान सहित कई देशों में शुरू करने और निर्यात करने की योजना भी बना रही है।

इनके बीच हुआ बड़ा समझौता

कंपनी के अनुसार इंडिया में बायोगैस न केवल कार्बन एमिशन को कम करने में योगदान देगा बल्कि आर्थिक तौर पर भी विकास को बढ़ावा देगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ा योगदान होगा। कंपनी ने बताया कि इसके लिए सुजुकी ने भारत सरकार के नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड और बनास डेयरी के साथ एमओयू भी साइन किया है। साथ ही टेक्नोलॉजी के डेवेलपमेंट के लिए कंपनी ने जापान में गाय के गोबर से बायोगैस बना बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी फुजिसन असागिरी बायोमास में भी निवेश किया है और उनके साथ मिल कर टेक्नोलॉजी को बनाने पर काम चल रहा है।

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