Friday, April 24, 2026
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कपसाड़ गोशाला में मर रहे गोवंश

  • अधिकारी सो रहे कुंभकर्णी नींद, गोशाला में गोवंशों की हालत खराब, तिल-तिलकर मर रहे गोवंश
  • लगातार शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: जहां एक ओर योगी सरकार गोवंशों को लेकर हमेशा सख्त रहती है, वहीं सरधना तहसील के अधिकारी इस ओर से पूरी तरह लापरवाह हुए बैठे हैं। हालत यह है कि कपसाड़ गांव स्थित गोशाला में गोवंश तिल-तिलकर मर रहे हैं और अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है।

गोशाला की दशा सुधरवाने के लिए ग्रामीण लगातार चिल्ला रहे हैं। यहां तक की अनिश्चितकालीन धरना तक दे चुके हैं। इसके बाद भी तहसील से लेकर ब्लॉक स्तर तक सभी अधिकारी इस ओर से आंखे बंद किए बैठे हैं। गोशाला में गोवंश खूंखार कुत्तों का निवाला बन रहे हैं। बीती रात को एक गोवंश की मौत हो गई, जबकि कई गोवंश मौत का इंतजार कर रही हैं।

योगी सरकार का सख्त आदेश है कि गोशालाओं में साफ-सफाई और गोवंशों का रखरखाव अच्छे से किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मगर कपसाड़ गांव स्थित गोशाला में गोवंश अधिकारियों की अनदेखी के भेंट चढ़ रहे हैं। हालत यह है कि गोशाला का ऊंची बाउंड्री नहीं होने के कारण खूंखार कुत्ते गोवंशों को अपना निशाना बना रहे हैं। कुत्तों के हमलों से जख्मी गोवंश तड़प-तड़पकर मर रहे हैं।

गंदगी की हालत यह है कि बीमारी से दर्जनों गोवंश मौत के मुंह में जा चुके हैं। लगातार शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। कुछ दिन पूर्व ग्रामीण तहसील में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। कई दिन चले धरने के बाद एसडीएम ने खानापूर्ति करके उन्हें उठवा दिया था। मगर गोशाला की हालत जस की तस है। बीते रविवार को हुई बारिश से गोशाला में कीचड़ फैल गई।

जिसमें एक गोवंश की मौत हो गई। जबकि कई गोवंश तड़प रही हैं। अपनी मौत का इंतजार कर रही है। मगर अधिकारियों की कुंभकर्णी नहीं टूट रही हैं। गोशाला की बात करने वाले मानों अधिकारियों को दुश्मन हों। इस संबंध में एसडीएम पीपी राठौर का कहना है कि इस ओर कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह के खानापूर्ति वाले जवाब से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी गोशाला को लेकर कितने गंभीर हैं। यही हाल रहा तो अधिकारियों की अनदेखी का भेंट सारे गोवंश चढ़ जाएंगे। जिनकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।

मृत गोवंश को नोच रहे आवारा कुत्ते

गोवशों के संरक्षण के लिए सरकार जोर दे रही है। इसके लिए जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग को आवश्यक निर्देश भी दिया गया है। इसके बाद भी जिले गोशाला व विभिन्न स्थानों में घूम रहे मवेशियों की देख भाल में लापरवाही बरती जा रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही कर आलम ये था कि सोमवार को मृत गोवंश को कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे थे।

उत्तर प्रदेश सरकार गोवंश की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है। इन गोवंश के खानपान रखरखाव के लिए हर साल करोड़ों रुपये भी सरकार खर्च करती है। इतना ही नहीं ठंडी में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए खास इंतजाम भी कराए जाते हैं। इसके बावजूद इस कड़ाके की ठंड में गोशालाओं में असुविधा नजर आ रही हैं और बेजुबान गोवंश ठंड से तड़प रहे हैं। ऐसी स्थिति में कई कमजोर गोवंश तो मौत का भी शिकार हो रहे हैं।

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