- पचास हजार का इनामी है खनन माफिया हाजी इकबाल
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: 50 हजार के इनामी पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली एवं बेटों के खिलाफ दर्ज डकैती के मामले में हाजी इकबाल की अग्रिम जमानत और मामला खत्म करने को डाली गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। समझा जाता है कि हाजी की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी।
बता दें कि हाईकोर्ट ने दोनों याचिका खारिज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, हाजी इकबाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत और डकैती का मामला खत्म करने की याचिका डाली थी, जिनको सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। थाना मिजार्पुर इंस्पेक्टर पीयूष दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि हाजी इकबाल फरार चल रहा है, जबकि उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली और बेटों को पुलिस वि•िान्न मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
यह था मामला
हरियाणा के जगाधरी निवासी बलराज सेठी ने 10 जनवरी को थाना मिजार्पुर में दर्ज कराए मामले में बताया था कि उससे हाजी इकबाल ने ग्लोकल यूनिवर्सिटी में काम कराया था, जिसका पैसा नहीं दिया गया है। पैसों का तकादा करने पर उसे धमकी दी गई। आरोपियों ने उसे बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही उसका माल भी हड़प लिया एवं मारपीट की। पीड़ित ने पूर्व एमएलसी व खनन माफिया हाजी इकबाल, उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली, इकबाल के पुत्र वाजिद, जावेद, अलीशान, अफजाल सहित एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अब तक हाजी के परिवार पर हुई कार्रवाई
13 मई 2022 को थाना बेहट पुलिस और सर्विलांस की टीम दिल्ली के लाजपत नगर से हाजी इकबाल के बेटे अलीशान को गिरफ्तार किया था। 26 मई 2022 को दूसरे हिस्ट्रीशीटर बेटे जावेद को गिरफ्तार किया था। 5 जून को पुलिस ने हाजी इकबाल के तीसरे बेटे अफजल को गिरफ्तार किया था।
चार जुलाई को जिला प्रशासन ने हाजी इकबाल और उसके भाई महमूद अली की न्यू भगत सिंह कॉलोनी में स्थित तीन कोठियों पर बुलडोजर चलाया था। पुलिस ने दो माह पहले ही हाजी इकबाल की 1500 बीघा जमीन को भी जब्त कर चुकी है। 12 जुलाई को हाजी इकबाल गैंग के सदस्य सनी नागपाल की जमीनों और फार्म हाउस पर बुलडोजर चलाया था। 17 जुलाई को पूर्व टछउ महमूद अली नवी मुंबई के नैरुल में एक किराये के फ्लैट से गिरफ्तार किया था।
हाजी इकबाल के यह रहे चर्चित मामले
14 मार्च 2018 में फतेहपुर टांडा के पाल्ला द्वारा उनकी 7.5 बीघा जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हाजी इकबाल व उनके बेटों और भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 अप्रैल 2018 में उत्तराखंड के हरिद्वार के रानीपुर के राकेश अरोड़ा की 44 बीघा जमीन कब्जाने के आरोप में (यूनिवर्सिटी से सटी हुई जमीन) पर जबरन हाजी इकबाल, उनके भाई और बेटे जावेद अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
5 अप्रैल 2017 में उत्तराखंड के सहसपुर के मोहम्मद राशिद के 49 लाख 88 हजार रुपये की धनराशि मांगने पर जान से मारने की धमकी देने एवं धोखाधड़ी के आरोप में धारा 196/17, 420,406, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें हाजी इकबाल, भाई महमूद अली और उनके बेटों पर मुकदमा दर्ज कराय गया था। दो नवंबर 2017 में तहसील बेहट के हल्का लेखपाल पंकज द्वारा हाजी इकबाल, भाई महमूद अली पर सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
23 जुलाई 2018 में जमीन कब्जाने के आरोप को आधार बनाकर पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके दो पुत्रों जावेद और अलीशान के आलावा भाई महमूद अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। जिमसें जावेद को जेल भेजा गया था।
छह जुलाई 2019 में हरियाणा के गुरुग्राम के सुनील मनचंदा की पत्नी किरण मनचंदा ने वाहिद, रविंद्र, हाजी मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाने, लूट, गाली गलौच करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
सात जुलाई 2019 में ही बेहट तहसील के गांव शफीपुर की सविता पत्नी मेघराज के द्वारा जमीन कब्जाने के आरोप में हाजी इकबाल, बेटे वाजिद, जावेद, अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

