अजित ने को अब तक चार विजय अवार्ड, तीन सिनेमा एक्सप्रेस अवार्ड, तीन फिल्मफेयर अवार्ड साउथ और तीन तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं। भारतीय फिल्म उद्योग में उनके योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने 28 अप्रैल 2025 को उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान—’पद्म भूषण’ से सम्मानित किया।
तमिल फिल्मों के स्टार-एक्टर पद्म भूषण अजित कुमार अपनी विनम्रता, सिंपल लाइफस्टाइल और दमदार आन स्क्रीन अंदाज के लिए जाने जाते हैं। अपने करियर में तमाम हिट फिल्में देने वाले अजित कुमार की एक्शन से भरी फिल्में देखने के बाद आॅडियंस खुद को जोश भरा हुआ महसूस करते हैं। तमिल फिल्म ‘एन वीदु एन कानावर’ (1990) की एक बेहद छोटी भूमिका के साथ बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरूआत करने वाले अजित कुमार को फिल्म ‘अमरावती’ (1993) में पहली बार लीड एक्टर के रूप में काम करने का अवसर मिला। उसके बाद तीन दशक से ज्यादा के अपने करियर में अजित कुमार ‘कधल कोट्टई’ (1996) ‘अवल वरूवाला’ (1998) ‘काधल मन्नान’ (1998) ‘परमासिवन’ (2006) ‘बिल्ला’ (2007) ‘मनकथा’ (2011) ‘वीरम’ (2014) और ‘विदामुयारची’ (2025) जैसी 60 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं।
1 मई, 1971 को सिकंदराबाद के एक तमिल पलक्कड़ अय्यर परिवार में जन्मे, अजित कुमार के पिता का नाम पी. सुब्रमण्यम था। उनकी मां, मोहिनी, कोलकाता, के सिंधी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। करियर की शुरुआत में अजित कुमार की इमेज एक रोमांटिक हीरो की बनी लेकिन मन में कहीं न कहीं एक एक्शन के रूप में काम करने की ख्वाहिश थी। साल 1997 में, अजित कुमार की लगातार पाँच फिल्में असफल रहीं। इसी दौरान, उन्होंने फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन के बिजनेस में भी कदम रखा लेकिन उसमें उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
अजित ने एक्शन-रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘काधल मन्नन’ (1998) के साथ सफल वापसी की। ‘अमरकलम’ (1999) में उन्हें पहली बार एक एक्शन हीरो के रूप में काम करने का अवसर मिला और उसके बाद तमाम एक्शन फिल्मों में काम करते हुए अजित कुमार ने खुद को साउथ के स्थापित एक्शन हीरोज में स्थापित किया। फिल्म ‘वाली’ (1999) में अजित कुमार ने ऐसे दो जुड़वां भाइयों का डबल रोल किया, जिसमें से एक मूक बधिर था। इस डबल रोल के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेता का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
‘वरलारू’ (2006) में अजित कुमार ने तिहरी भूमिका निभाई जो उस साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली तमिल फिल्म बनी। अजित ने ‘विवेगम’ (2017) ‘पिंक’ (2016) की रीमेक ‘नारकोंडा पारवई’ (2019) और ‘विस्वासम’ (2019) जैसी फिल्मों में जबर्दस्त सफलता अर्जित की। फिल्म ‘वार्लिमे’ (2022) में अजित कुमार एसीपी अर्जुन की भूमिका में नजर आए। उनके अपोजिट हुमा कुरैशी ने सोफिया का किरदार निभाया। इसे तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषा के साथ ओव्हरसीज मार्केट में रिलीज किया गया।
फिल्म को पहले दिन 62 करोड़ की बंपर ओपनिंग मिली। अकेले तमिलनाडु में पहले दिन इसने 36 करोड़ कमाए। 1990 के दशक के मध्य में अजीत ने अभिनेत्री हीरा राजगोपाल को डेट किया लेकिन 1998 में उनके बीच का यह रिश्ता खत्म हो गया। अप्रैल 2000 में उन्होंने एक्ट्रेस शालिनी से शादी की। उनके एक बेटी अनुष्का और बेटा आव्दिक है। अजित ने को अब तक चार विजय अवार्ड, तीन सिनेमा एक्सप्रेस अवार्ड, तीन फिल्मफेयर अवार्ड साउथ और तीन तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं। भारतीय फिल्म उद्योग में उनके योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने 28 अप्रैल 2025 को उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान—’पद्म भूषण’ से सम्मानित किया।

