- क्षय उन्मूलन के लिए ठोस कदम
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जिला अस्पताल के अलावा समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर बुधवार (15 फरवरी) को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाएगा। पिछले माह 15 को अवकाश होने के कारण यह 16 जनवरी को मनाया गया था, जिसमें टीबी, कुष्ठरोग के मरीज चिन्हित किए गए थे। उन सबका इलाज शुरू कर दिया गया है। फिलहाल, सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. सर्वेश सिंह ने बताया कि अभी तक दो निक्षय दिवस मनाए जा चुके हैं। तीसरा एकीकृत निक्षय दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 10 प्रतिशत की स्क्रीनिंग कर क्षय और कुष्ठ रोगियों की खोज कर उनका इलाज शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया पिछले एकीकृत निक्षय दिवस पर ओपीडी में 3332 लोग अपनी दवा लेने आए थे। इसमें से 288 लोगों के बलगम के सैंपल लेकर जांच की गई थी। इसमें 23 मरीज क्षय रोग ग्रसित मिले थे, जिनका तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया। डीटीओ ने बताया क्षय रोग लाइलाज नहीं है।
समय से जांच और इलाज हो जाए तो मरीज जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। उपचार के अभाव में टीबी का मरीज एक वर्ष में 10 से 15 लोगों को इस बीमारी से संक्रमित कर सकता है। ऐसे में टीबी का समय रहते इलाज होना बेहद जरूरी है। यह रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। इसलिए इसे छुपाने की नहीं, बल्कि इलाज की जरूरत है। टीबी के मरीजों को अपना उपचार बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। यदि बीच में उपचार छोड़ दिया जाता है तो टीबी और बिगड़ जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जिले में इस समय क्षय रोगियों का मुकम्मल इलाज कराया जा रहा है। कई संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने क्षय रोगियों को गोद लिया है। इंडियन टोबैको कंपनी (आईटीसी) ने 1600 रोगियों को गोद लिया है। इन सभी को समय पर पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद में करीब एक दर्जन टीबी चैंपियन मरीजों की हौसला अफजाई कर रहे हैं।
क्षय रोग के प्रमुख लक्षण:
-दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी आना ।
-दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आना।
– वजन में कमी आना / बलगम से खून आना।

