Friday, March 20, 2026
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पांच घंटे भीषण जाम से हांफ गया मवाना

  • पुलिस नदारद, जाम से नहीं मिल रही मुक्ति, सड़क पर रेंगते रहे वाहन
  • जाम में फंसी रही एंबुलेंस एवं अन्य वाहन, पैदल निकलना हुआ मुश्किल

जनवाणी संवाददाता |

मवाना: नगर मे जाम का झाम सर्दी के सितम से भी कम नहीं है। प्रतिदिन लगने वाला जाम गुरुवार को भी जैसे का तैसा दिखाई दिया। पांच घंटे तक थाना से सुभाष चौक तक लगे भीषण जाम से पूरा नगर हांफ गया तो वही जाम के झाम में एंबुलेंस से लेकर अन्य वाहन फंसे होने से पैदल चलना मुश्किल हो गया। नगर में लगे भीषण जाम को खुलवाने में पुलिस ने कोई कदम नहींं उठाया।

प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में नगर की जनता प्रतिदिन बढ़ते जाम से निजात दिलाने का मुद्दा हर बैठक में उठाते हैं, लेकिन प्लान कागजों में सिमट कर रह जाता है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर नगरपालिका अतिक्रमण हटाओ अभियान भले ही चला देती है, लेकिन अगले दिन अभियान की हवा निकल जाती है। लोगों ने स्थानीय प्रशासन से नगर में जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण पर शिकंजा कसने के साथ जाम से निजात दिलाने के लिए मांग उठाई है।

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हालात यह है कि जाम खुलवाने की जद्दोजहद में पुलिसकर्मियों के भी रोज पसीने छूटते नजर आ रहे हैं। नगर में भीषण जाम से लोग हलकान हो रहे थे वही पुलिसकर्मी भी जाम खुलवाने में हांफ रहे हैं। लोगों की माने तो जाम लगने के पीछे नगर में हो रहे अतिक्रमण एवं डग्गामार वाहनों के साथ अवैध ई-रिक्शा तथा प्राइवेट बसों की धीमी रफ्तार के साथ फुटपाथ पर बने वाहनों का पार्किंग स्थल है। नगर में नाबालिक बच्चे ई-रिक्शा धड़ल्ले से चलाते हुए देखे जा सकते हैं

जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहींं है और न ही वाहन चलाने का कोई अनुभव है। गुरुवार को सुबह से दोपहर तीन घंटे तक नगर के मुख्य मार्ग से लेकर पक्का तालाब तक भीषण जाम लगने से राहगीरों के साथ एंबुलेंस में सवार मरीजों को भी जाम की मार झेलनी पड़ी। नगर व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों ने जाम की समस्या से निजात दिलाए जाने की अधिकारियों से मांग की, लेकिन जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।

नगर में लगने वाले भीषण जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए थाना पुलिस को रोज इधर से उधर दौड़ना पड़ता है। एसडीएम अखिलेश यादव ने सुबह एवं रात्रि में आठ बजे तक गन्ने से भरे वाहनों पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके नगर में जाम का झाम लोगों के नासूर बन गया है। ये सोचने का विषय है आखिरकार मवाना को कब जाम से मुक्ति मिलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता है।

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