Saturday, April 25, 2026
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नगरायुक्त के खिलाफ खोला मोर्चा

  • एडीएम को सौंपा ज्ञापन, 10 सूत्रीय मांग पत्र पर त्वरित कार्रवाई की मांग, साहब वेतन नहीं मिला कैसे मनाये होली
  • नगरायुक्त समेत तमाम अधिकारियों पर सफाई मजदूरों का उत्पीड़न करने का लगाया आरोप

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगर में 90 वार्डों में साफ-सफाई का काम करने वाले करीब 3 हजार से अधिक सफाई मजदूरों का नगर निगम की तरफ से होली से दो दिन पूर्व तक भी वेतन नहीं दिया गया। होली के त्योहार पर भी उनका वेतन नहीं दिये जाने को लेकर सफाई मजदूरों ने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क साधा। जिसमें रविवार को सफाई मजदूर संगठनों के नेता नगर निगम में पहुंचे और उन्होंने नगरायुक्त एवं अन्य अधिकारियों पर सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न करने एवं त्योहार के दौरान भी वेतन नहीं दिये जाने को गंभीर मामला बताया।

वहीं कहा कि यदि होली से पहले सफाई कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया तो वह निगम के खिलाफ बड़े स्तर पर मोर्चा खोल देंगे और र्इंट का जवाब सफाई मजदूर पत्थर से देना जानता है। इस संबंध में कलक्ट्रेट पहुंचकर एक 10 सूत्रीय मांग पत्र एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह को सौंपा।

नगरायुक्त समेत तमाम अधिकारियों पर सफाई मजदूरों का पेमेंट होली के त्योहार के दौरान भी नहीं दिये जाने का आरोप लगाते हुये रविवार को सफाई मजदूर संगठन के नेताओं ने नगर निगम के परिसर में प्रदर्शन किया।  जिसमें सुरेंद्र ढिंगिया पूर्व महामंत्री सफाई मजदूर संघ नगर निगम, दिनेश मनोठिया वरिष्ठ सफाई कर्मी नेता, कमल मनोेठिया सफाई कर्मी नेता, दीपक मनोठिया, दिनेश विद्यार्थी सफाई कर्मी नेता, राजू ढिगिया सफाई कर्मी नेता, नंदकिशोर, अमित बेनीवाल, संजय आदि रविवार को सफाई मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एकत्रित हुए।

जिसमें उन्होंने निगम के आयुक्त समेत तमाम अधिकारियों पर सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना था कि होली का त्योहार सिर पर है और अभी तक उनका वेतन नहीं मिला, वह घर में कैसे त्योहार मनायेंगे और बच्चों को होली का रंग कैसे दिलवायेंगे। उन्होने निगम कार्यालय में आयुक्त के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। अवकास होने के कारण वह निगम से सीधे कलक्ट्रेट डीएम से मिलने पहुंचे,

वहां पर उन्होने एडीएम प्रशासन से मुलाकात की और इस सूत्रीय एक मांत्र पत्र सौंपा,मुख्य रूप से होली से पूर्व ही वेतन संबधी समस्या के समाधान की तत्वरित मांग की, नहीं तो बडे स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं सामान कार्य सामान वेतन की मांग भी उठाई, अवकाश दिवस में जो कार्य सफाई मजदूरों के द्वारा किया जाता है, उसका अलग से वेतन दिया जाये।

नियोजक के द्वारा सफाई ऋमिक के मद से ही 833 रुपये भविष्य निधि के बताकर और 367 रुपये पेंशन के साथ में बताकर अपना अंशदान एवं योगदान बताकर निगम के अधिकारियों के द्वारा गलत तरीके से लिये जाने का भी आरोप लगाया। प्रतिमाह 7 तारीख से पूर्व ही सफाई कर्मचारियों का वेतन दिलाये जाने की मांग की। मानक के अनुसार सफाई कर्मचारियों की संख्या बढाई जाये,

जल्द ही सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रारंभ की जाये। यदि उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो फिर सफाई मजदूर संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगे। एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने मांग पत्र पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया,इसी के बाद वह शांत होकर वापस लौटे।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ लामबंद हुआ सफाई मजदूर संगठन

नगर निगम में रविवार को सफाई मजदूर संगठनों के नेता एकत्रित हुये। उन्होने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर वेतन एंव पेशंन संबधी समस्याओं के समाधान नहीं करने पर तमाम गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने उनके खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया, वहीं उनकी अंबेडकर वादी विचारधारा का सफाई कर्मचारियों को पाठ पढ़ा, खुद भाजपा की गोटियां सेकने का काम करने का भी सफाई मजदूर संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया।

इतना ही नहीं उन्होंने महिला सफाई कर्मचारियों के प्रति उनका रवैया कैसा है, उसको बताया कि वह घूंघट में रहकर काम करने वाली महिलाओं का घूंघट उठाकर देखते हैं, जोकि एक बडेÞ ही शर्म की बात हैं यदि उन्होने सफाई मजदूरों का उत्पीडन बंद नहीं किया तो उनके खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा।

नगर निगम में रविवार को सरकारी अवकाश होने के बावजूद सफाई मजदूर संगठनों के नेता एकत्रित हुये। इस दौरान उन्होने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर सफाई मजदूरों का उत्पीड़न करने का आरोप लगा,उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई मजदूरों के विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी उनके ही समाज से हैं, जोकि उनके ही समाज के लोगों का उत्पीड़न करने पर उतारू हैं।

संगठन के नेताओं ने कहा कि वह महिला सफाई कर्मचारियों का घूंघट उठाकर देखते हैं कि वह सीता है या गीता, वहीं हमारे समाज के लोगों को अंबेडकर वादी पाठ पढ़ाकर खुद भाजपा की गोटिया सेकते हैं। ऐसे अधिकारी का अब उत्पीड़न बर्दास्त नहीं किया जायेगा,सफाई मजदूर एवं अनेक सफाई मजदूर संगठन से जुडे पदाधिकारी र्इंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं,

जल्द ही सफाई मजदूरों की समस्या का समाधान नगर स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और महिला सफाई कर्मचारियों का घूंघट देखना बद नहीं किया तो उनके खिलाफ बडेÞ स्तर पर आंदोलन किया जायेगा। इस मौके पर दिनेश विद्यार्थी, कमल मनोठिया, दीपक मनोठिया, नंद किशोर, मनोज कुमार आदि ने अपने-अपने विचार रखे

और कहा कि यदि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उनके लंबित मामलों का समाधान नहीं किया तो वह उनके खिलाफ लांबद होकर आंदोलन करेंगे और उनके यहां से हटवाने का काम करेंगे। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से उनका पक्ष जानने के लिये रविवार को सरकारी आवकाश होने के कारण उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होने कॉल रिसीव नहीं की,वहीं उनके वाट्सऐप पर मैसेज किया तो उसका भी जवाब उनकी तरफ से नहीं मिल सका।

कि उन पर जो सफाई मजदूर संगठन के नेताओं के द्वारा उनकी वेतन संबंधी मांगों के साथ जो अम्बेडकर वादी पाठ पढ़ा, भाजपा की गोटियां सेंकने एवं महिलाओं का घूंघट उठाने जैसे गंभीर आरोप लगाये हैं तो उस पर उनका क्या कहना है, लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं करने के कारण उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।

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