Wednesday, May 13, 2026
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निगम में सेटिंग का खेल: लिपिक एक, रिकॉर्ड में पिता के दो नाम

  • पीड़ित का आरोप काफी समय से काट रहा निगम के चक्कर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम में कर्मचारी एवं अधिकारी के बीच मजबूत सेटिंग के खेल का आरोप लगाते हुये एक व्यक्ति ने मंगल दिवस (जनसुनवाई) के दौरान एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उसने बैनामे से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक करोड़ रुपये कीमत से खरीदे गये मकान में अपना नाम अंकित कराने व मकान पर कब्जा दिलवाने की मांग की। उसने बीते वर्ष एक महिला से करीब एक करोड़ रुपये में मकान खरीदा था।

जिसमें महिला का दत्तक पुत्र उस मकान से अपना कब्जा नहीं हटा रहा, बल्कि वह निगम में लिपिक के पद पर कार्यरत होने के चलते उसकी इतनी मजबूत पकड़ है कि उसने फर्जी तरीके से उक्त मकान अध्यासी के रूप में दर्ज करा लिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि वैसे तो वह काफी समय से निगम व अन्य अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन तीन बार से जनसुनवाई में वह लगातार प्रार्थना पत्र दे रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नगर निगम के अधिकारी नहीं कर रहे हैं।

हापुड़ पक्का रोड निवासी दिनेश त्यागी स्व. छिद्दा सिंह ने मंगलवार को मंगल दिवस पर आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर एक शिकायती पत्र बैनामे से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व खरीदे गये मकान को नगर निगम के गृहकर चिट्ठो में अपने नाम चढ़वाने एवं उस पर कब्जा दिलवाने की मांग की। दिनेश त्यागी ने बताया कि उसके द्वारा अक्टूबर 2021 में एक मकान करीब एक करोड़ रुपये की लागत से फूलबाग कॉलोनी में एक मकान महिला सुधा रंजना पत्नी स्व. लालबाबू सिंह से खरीदा था।

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जिस समय मकान का बैनामा किया तो महिला का पुत्र सुनील कुमार जोकि अपने ताऊ विनध्यांचल के दत्तक पुत्र के रूप में नगर निगम में कर विभाग में लिपिक के रूप में कार्यरत है। जिसमें नगर निगम में उसकी नियुक्ति 25 जनवरी 1998 में कोर्ट के आदेश पर विनध्यांचल के दत्तक पुत्र रूप में हो गई थी। उसके बावजूद उसने कई जगहों पर लाभ उठाने के लिये अपने पिता लालबाबू के नाम को भी रिकॉर्ड में दर्शाया।

इसमें जो मकान उसने सुधा रंजना से खरीदा था। उसने नगर निगम में मजबूत सेटिंग के चलते अधिकारियों से मिलीभगत कर गृहकर के चिट्ठो में अपने दत्तक पिता विंध्याचल की जगह लालबाबू दिखाते हुये दर्ज करा लिया। जिसमें वह लगातार तीन बार जनसुनवाई में भी शिकायत कर चुका है, लेकिन अधिकारी इस मामले में लिपिक सुनील कुमार के पक्ष में गोलमोल रिपोर्ट तैयार करके जवाब तैयार करके उनके प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की जगह टरका रहे हैं।

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दिनेश ने बताया कि उनकी दो प्रार्थना पत्रों की शिकायत पर निगम के अधिकारियों ने अलग-अलग जवाब भेजा। पहले शिकायती पत्र पर जोकि 14 फरवरी 2023 को दिया गया था। उसके जवाब में बताया कि ग्रहकर चिट्ठो में सुधा रंजना देवी पत्नी स्व. लालबाबू के दर्ज नाम की जगह कराने व उक्त भूखंड का विक्रय आवेदक के नाम से कराने का उल्लेख करते हुये कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया।

दूसरे प्रार्थना पत्र पर जो जांच आख्या भेजी गई। उसमें बताया गया कि 28 फरवरी को जो शिकायती पत्र निगम में जनसुनवाई के दौरान दिया गया था। उसमें दिनेश के दौरान जो पत्र दिया गया। उसमें गृहकर जलकर वसूली का हवाला देते हुए भौतिक कब्जे के आधार पर अध्यासी के रूप में दर्ज किये गये नाम को खारिज करने का अनुरोध किया गया है।

उधर, सुधा रंजना मेडिकल में नर्स के रूप में काम करती थी। जिससे दिनेश शर्मा ने मकान का बैनामा किया है। वहीं, इस संबंध में नगर निगम के लिपिक सुनील कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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