विदेशी भाषा के बतौर अरबी भाषा की अंतर्राष्ट्रीय महत्ता और दुनिया के देशों के लिए एक्स्पोजर बहुत अधिक है। सरकारी विभागों से लेकर निजी क्षेत्रों तक अरबी भाषा के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट और अन्य प्रोफेशनल शिक्षा वाले उम्मीदवारों के लिए जॉब के भरपूर अवसर और कॅरियर के बेशुमार अवसर उपलब्ध हैं।
ऐसा माना जाता है कि अरबी भाषा का उद्भव पहली शताब्दी में हुआ था। यह भाषा दुनिया के प्राय: 30 करोड़ से भी अधिक लोगों के द्वारा उनकी पहली जुबान के रूप में बोली जाती है। इंग्लिश, फ्रेंच, स्पैनिश, रशियन और चीनी के साथ संयुक्त राष्ट्र के आॅफिसियल छह भाषाओं में शामिल अरबी जुबान मुख्य रूप से अरब के देशों में रहनेवाले लोगों की जुबान है। यह लैंग्वेज उर्दू की तरह ही दार्इं तरफ से बार्इं और लिखी जाती है। अरबी भाषा को इस्लाम धर्म में काफी पवित्र माना जाता है क्योंकि ऐसा विश्वास किया जाता है कि अल्लाह ने मुहम्मद पैगंबर से जिबरील के माध्यम से अरबी में ही बातें किया करते थे और उसी से उनका पवित्र ग्रंथ कुरान बना है।
अल्जीरिया, मिस्र, जोर्डन, कुवैत, बहरीन, लेबनान, इराक, लीबिया, ओमान, सऊदी अरब, सूडान, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स, कुवैत, मोरक्को, कतर, यमन जैसे अन्य कई मध्य पूर्वी देशों में अरबी भाषा को अफिशियल लैंग्वेज के रूप में दर्जा प्राप्त है। अरबी भाषा दुनिया भर में सबसे अधिक आय देनेवाली भाषाओं में शुमार किया जाता है। यही कारण है कि वर्तमान में अरबी भाषा पीएलआई (पॉवर लैंग्वेज इंडेक्स) में लिस्टिड है। मुख्य रूप से तेल उत्पादक और विभिन्न खनिजों में धनी राष्ट्रों की भाषा होने के कारण अरबी भाषा में लिखने, पढ़ने और बोलनेवाले लोगों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जॉब्स के बेशुमार अवसर उपलब्ध हैं। विशेष रूप से विदेशी व्यापार के प्रमोशन में अरबी भाषा के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। अरबी भाषा के जानकार लोगों के लिए दुनिया के विभिन्न देशों में डिफेन्स सेक्टर सहित कई अन्य विभागों में काफी मांग होती है।
शुरुआत कहां से करें?
अरबी भाषा में प्रोफेशनल कोर्स का आगाज बारहवीं कक्षा से ही की जा सकती है। अरबी भाषा में तीन वर्षीय अन्डर ग्रेजुएट डिग्री के लिए किसी उम्मीदवार का बारहवीं पास होना अनिवार्य होता है। इस कोर्स में एडमिशन कुछ यूनिवर्सिटी के द्वारा प्लस टू में प्राप्त मार्क्स के आधार पर तो कुछ यूनिवर्सिटी के द्वारा एंट्रेंस टेस्ट में क्वालिफिकेशन के बाद किया जाता है। इसके बाद इस भाषा में मास्टर की डिग्री और पीएचडी भी किया जा सकता है। सीयूईटी, जेएनयू एंट्रेंस परीक्षा, बीएचयू पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट, इंटेगरल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट लखनऊ, कॉमन पोस्ट गे्रजुएट एंट्रेंस टेस्ट, उस्मानिया यूनिवर्सिटी जैसे विभिन्न एंट्रेंस परीक्षाओं में क्वालफाई करने के बाद अरबी भाषा में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है।
प्रमुख संस्थान
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मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर
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हिमगिरि जी यूनिवर्सिटी, देहरादून
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एसआरएम यूनिवर्सिटी, सोनीपत
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मौलाना आजाद कॉलेज, कोलकाता
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल
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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
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जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
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दिल्ली यूनिवर्सिटी
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मुंबई यूनिवर्सिटी
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उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद



