- अब भाजपा का प्रत्याशी कौन? इस पर सभी की लगी निगाहें
- भाजपा में उन नेताओं की नींद भी उड़ी, जो कर रहे टिकट की दावेदारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेयर पद के लिए क्रांतिधरा पर 17 से नामांकन प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। सपा सीमा प्रधान को मेयर प्रत्याशी घोषित कर चुकी हैं। अब भाजपा का प्रत्याशी कौन होगा? इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। भाजपा में उन नेताओं की नींद भी उड़ी हुई हैं, जो टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। क्योंकि उनके दिलों की धड़कन बढ़ रही हैं। तीन दिन भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर नेताओं के ऊपर बड़ा दबाव रहा।
प्रत्याशी के नाम चयन को लेकर तीन दिन मंथन चला, लेकिन ये भी कोर कमेटी के लिए चुनौती पूर्ण था। क्योंकि कोर कमेटी में 24 सदस्य थे। सभी किसी एक नाम पर एकराय नहीं थे। सभी की अपनी-अपनी राय दे रहे थे, जो अलग-अलग थी। इसके बाद ही तीन-तीन नाम की पर्चियां मांगी गई थी। मंथन के बाद 20 अपै्रल की शाम को भाजपा के मेयर उम्मीदवार का नाम सार्वजिनिक किया जाएगा।
क्योंकि 17 अपै्रल तक प्रथम चरण के चुनाव प्रत्याशियों के नाम चयन का मामला चल रहा हैं। प्रथम चरण के नाम फाइनल करने के बाद ही भाजपा के शीर्ष नेता दूसरे चरण में होने वाले चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करेंगे। कोर कमेटी से चयन किये गए नाम आगे बढ़ गये हैं। क्षेत्रीय स्तर पर नामों पर चर्चा हुई, जिसके बाद बंद लिफापे लखनऊ के लिए भेज दिये गए।
बंद लिफापे प्रथम चरण के नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही खोले जाएंगे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि मेरठ मेयर पद के उम्मीदवार का नाम 20 अपै्रल को घोषित किया जाएगा। भाजपा में टॉप तीन नामों पर चर्चा हुई हैं, जिसमें हरिकांत अहलूवालिया, रविन्द्र चौधरी और बीना वाधवा। भाजपा के एक बड़े नेता ने बीना वाधवा के नाम पर ऐतराज भी ये कहते हुए किया था कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की गई हैं।
जहां पर महिला सीट हैं, वहीं पर महिलाओं को लड़ाया जाना चाहिए। मेरठ मेयर पद ओबीसी के लिए अनारक्षित हैं, यहां पर पुरुष को लड़ाया जाना चाहिए। हालांकि इस पर ज्यादा लोगों ने राय नहीं दी। क्योंकि महिलाओं का विरोध करने पर चुनाव में प्रतिकुल प्रभाव पड़ सकता हैं। ये तीन टॉप नाम हैं, जिसमें से किसी एक का नाम मेयर पद के लिए घोषित हो सकता हैं। ऐसा अनुमान हैं, लेकिन भाजपा कोर कमेटी ने इसे अति गोपनीय रखा हैं।
मीडिया में भ्रामक खबरों पर कांग्रेस हाईकमान खफा
स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट को लेकर किए जाने वाले आवेदनों के संबंध में मीडिया को सही जानकारी उपलब्ध न कराने पर कांग्रेस हाईकमान ने सख्त रूख अपनाया है। इस संबंध में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने स्थानीय संगठन को साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वो फिलहाल मेयर व पार्षदों के लिए आने वाले आवेदनों के संबंध में मीडिया को कोई जानकारी न दें।
यह निर्देश पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दिए हैं। मेरठ में पार्टी के अधिकृत प्रेस प्रवक्ता द्वारा दो तीन दिन पूर्व जो प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी उसमें मेयर व पार्षदों की संख्या पर स्थानीय संगठन में ही मतभेद था। संबंधित प्रेस विज्ञप्ति में मीडिया को जानकारी दी गई थी कि मेरठ में मेयर के लिए नौ जबकि पार्षद पद पर कुल 220 आवेदन आ चुके हैं।
जबकि पार्टी से जुड़े अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर यह है कि अभी तक विभिन्न वार्डों में पार्षद पदों के लिए 100 लोगों ने भी आवेदन नहीं किया है। मेयर के लिए दो दिन पूर्व तक कुल सात आवेदन आए थे। जबकि उक्त पे्रस विज्ञिप्ति में कुल नौ आवेदन बताए गए थे।

इस पूरे मामले पर स्थानीय संगठन की प्रदेश नेतृत्व के सामने काफी छीछालेदर हुई थी। इस पूरे मामले पर सख्त रूख अपनाते हुए प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्ीन सिद्दीकी ने पार्टी पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वो फिलहाल आवेदनों के संबंध में मीडिया से कोई जानकारी साझा न करें।
मेयर के लिए नसीम कुरैशी ने भी किया आवेदन
उधर, पार्टी से जुड़े विशेष सूत्रों के हवाले से खबर यह है कि शुक्रवार को पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव व महानगर अध्यक्ष रह चुके नसीम कुरैशी ने भी मेयर पद के लिए आवेदन कर दिया है। उनके आवेदन करने के बाद अब कांग्रेस की ओर से मेयर पद के लिए कुल आठ आवेदन आ चुके हैं। उधर, पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार 16 अप्रैल तक पार्टी आवेदन लेगी और उसके बाद मेयर व पार्षदों के नामों का लिफाफा हाई कमान को भेज दिया जाएगा।
बसपा से आ सकते राशिद अखलाक
मेयर के चुनाव को लेकर शहर में घमासन मची हैं। भाजपा और बसपा के अभी प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन शहर के प्रत्येक नुक्कड़ पर चुनाव की ही चर्चा आम है। बसपा मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव लगाने जा रही हैं, जिसमें टॉप पर राशिद अखलाक का नाम सामने आ रहा हैं। हालांकि दारा सिंह प्रजापति ने भी बसपा से मेयर उम्मीदवार का दावा किया हैं, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती किसी दमदार मुस्लिम प्रत्याशी को ही चुनाव में उतारना चाहती हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि शनिवार को मेयर व पार्षद उम्मीदवारों का चयन कर लिया जाएगा तथा रविवार को मेयर के नाम की बसपा घोषणा करेगी। दरअसल, राशिद अखलाक के भाई शाहिद अखलाक भी बसपा से मेयर रह चुके हैं। हालांकि अखलाक परिवार बसपा से निलंबित चल रहा हैं, लेकिन नगर निकाय चुनाव के बाद फिर से अखलाक परिवार बसपा सुप्रीमो मायावती के करीब आ गया।
शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक शुक्रवार को भी दिल्ली में देखा गया। उसकी सुश्री मायावती के भाई आनंद के साथ भी मीटिंग हुई। यही नहीं, पश्चिमी यूपी के प्रभारी समसुद्दीन राई से भी मीटिंग चली। बसपा सुप्रीमो मायावती लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं, वहीं बसपा नेता आनंद और पार्टी के कई बड़े नेता दिल्ली में टिकटों को फाइनल करने में जुटे हुए हैं। प्रथम चरण के लिए मेयर व पार्षदों के टिकट फाइनल किये जा रहे हैं, यहीं वजह है कि अब दूसरे चरण पर शनिवार को बसपा में चर्चा होगी,
जिसमें मेयर प्रत्याशियों के नामों पर फाइनल मुहर लगा दी जाएगी। इसके बाद ही रविवार को अधिकृत रूप से मेयर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होगी। यही नहीं, पार्षद उम्मीवारों के नाम भी रविवार को जारी किये जाएंगे, ऐसा बसपा सूत्रों का कहना है। इस तरह से राशिद अखलाक का नाम घोषित होता है तो इकलौता मुस्लिम प्रत्याशी होने का लाभ भी मिल सकता हैं। मुस्लिम वोटों का धु्रवीकरण भी होगा। सपा-बसपा में मुस्लिम वोट बटे तो भाजपा की बांछे खिल जाएगी।

