Wednesday, March 18, 2026
- Advertisement -

आक्रोशित किसानों ने एमडीए के मुख्य गेट पर की तालाबंदी, धरने पर बैठे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गुरुवार को आखिर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। किसानों ने मेरठ विकास प्राधिकरण में गुरुवार को हल्ला बोल दिया। किसानों ने प्राधिकरण आफिस के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना देकर बैठ गए। किसानों के तालाबंदी करने के बाद एमडीए आॅफिस में अफरातफरी मच गई। पुलिस को भी फोन किया गया, ताकि बवाल को रोका जा सके।

गेट के बाहर पुलिस आ गई, लेकिन किसान नारेबाजी करते रहे। एमडीए में हल्ला बोलने वाले किसान लोहिया नगर, वेदव्यासपुरी और गंगानगर योजना के थे। उनकी मांग थी कि अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान उन्हें क्यों नहीं दिया जा रहा है। इसमें एमडीए टालू नीति क्यों अपना रहा है।

एमडीए अधिकारी पहले समझौता करते हैं, फिर अपने ही समझौते को उलट देते हैं। अब किसान एमडीए अधिकारियों की कुछ नहीं सुनेंगे। प्रतिकर चाहिए तो चाहिए। इसमें इफ बट नहीं चाहिए। यह भी तय हुआ था कि बदले में भूखंड भी दिया जाए। इस समझौते पर एमडीए के अफसर मुहर लगा चुके हैं।

फिर भी किसानों को टरकाया जा रहा है। इस मांग को लेकर किसानों ने दोपहर बाद मेरठ विकास प्राधिकरण के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर बैठ गए थे। दोपहर तीन बजे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मेरठ विकास प्राधिकरण के आफिस में पहुंचे थे, जहां किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे लगा दी तथा प्राधिकरण के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। किसान प्राधिकरण के अंदर धरना देकर बैठ गए।

किसानों का धरना जैसे ही शुरू हुआ, तभी प्राधिकरण में मौजूद कर्मचारी दूसरे रास्तों से निकलने लगे। क्योंकि किसान आक्रोशित थे। प्राधिकरण अफसरों के रवैये से खास नाराज थे, जिसके चलते किसान अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

धरने पर ये रहे मौजूद

मेरठ विकास प्राधिकरण में धरना देने वालों में पूर्व पार्षद सुरेंद्र सिंह भड़ाना, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, पप्पू प्रधान, सुनील चौधरी, विनोद कुमार चेयरमैन, पोपीन प्रधान काजीपुर, विकास, अखिलेश, राहुल कुमार, मुस्तफा आदि मौजूद थे। इसके अलावा महिलाएं भी धरने में बड़ी मात्रा में मौजूद थी। महिलाओं ने भी प्राधिकरण अफसरों को खूब खरी-खौटी सुनाई।

नहीं चलने देंगे पीएम आवास का निर्माण

धरने पर मौजूद किसानों ने ऐलान किया कि लोहिया नगर में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना का काम शुक्रवार से रुकवा दिया जाएगा किसान एक ईंट भी आगे नहीं रखने देंगे प्रधानमंत्री आवास का निर्माण बाधित कराने के अलावा वेदव्यासपुरी में आईटी पार्क पर भी तालाबंदी करने की धमकी किसानों ने दी है किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें भूखंड अतिरिक्त प्रतिकार के रूप में नहीं मिलेंगे तब तक किसानों का आक्रामक विरोध प्राधिकरण के अधिकारियों को झेलना पड़ेगा।

सचिव और विधायक ने कराया धरना खत्म

मेरठ विकास प्राधिकरण सचिव प्रवीणा अग्रवाल व भाजपा विधायक डा. सोमेन्द्र तोमर धरनारत किसानों के बीच पहुंचे। किसानों का पक्ष सुनने के बाद सचिव व भाजपा विधायक ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग जायज है, जिस पर विचार चल रहा है। जो समझौता किसानों व एमडीए के बीच हुआ है, उस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही किसानों ने एमडीए में दिया धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया।

ये हैं विवाद के प्रमुख बिन्दु

  • सबसे पहले किसानों की यह मांग 10 नवंबर 2015 को प्रस्तावित परिचालन पद्धति से बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, जिस पर विचार हुआ था।
  • 22 मई 2015 को व एक जुलाई 2015 को प्राधिकरण सचिव की अध्यक्षता में हुई थी लोहिया नगर, वेदव्यासपुरी, गंगानगर योजना के किसानों के साथ मीटिंग, जिसमें अतिरिक्त प्रति कर के रूप में धनराशि और भूखंड देना तय हुआ था।
  • इन तीनों योजनाओं के करीब 400 किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर के चेक भी प्राधिकरण ने दिए थे। ये चेक मार्च 2019 में भाजपा विधायक डा. सोमेंद्र तोमर व कमिश्नर की मौजूदगी में दिए गए थे।
spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Bihar News: कॉल पर दी धमकी, फिर पुलिस से भिड़ंत, STF जवान शहीद, दो अपराधी मारे गए

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पूर्वी चंपारण जिले के चकिया...

UP: गोरखपुर में भाजपा नेता की बेरहमी से हत्या, इलाके में दहशत

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र...

UP: मुरादाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, चार युवकों की मौत

जनवाणी ब्यूरो । नई दिल्ली: भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी।...

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...
spot_imgspot_img