- बहनों ने भाइयों को किया टीका, भाइयों ने दिए उपहार
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: भैयादूज के पर्व पर बहनों ने भाइयों को टीका कर सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वाह किया। इस मौके पर बहनों को भाइयों ने उपहार दिए। इस त्यौहार पर दूर-दराज से चल कर आए भाइयों ने बहनों की खुशहाली और बहनों ने भाइयों की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। सदियों से चली आ रही परंपरा को निभाने के लिए बहनों ने भाइयों के लिए व्रत रखे। भारतीय संस्कृति में हर रिश्ते के लिए अलग-अलग त्यौहार मनाए जाते हैं। भैयादूज का पर्व भी खुद में भाई-बहन के अटूट रिश्ते में चार चांद लगाने का कार्य करता है।
इस दिन बहनें भाइयों की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं और भाई के आने के बाद उसे टीका करके ही व्रत पूरा करती हैं। सोमवार को भैयादूज के पर्व पर बहनों ने भाइयों को टीका किया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार दिए। भैयादूज के दिन बहनों ने भाइयों की सुख-शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की, वहीं बहनों के लिए भाइयों ने भी उनकी खुशहाली की कामना की। सुबह से ही बहनों के पास जाने के लिए भाइयों ने तैयारी कर रखी थी।
दिन निकलते हआना-जाना शुरु हो गया था। उन बहनों ने भाइयों के पास जाकर भाइयों को टीका किया, जो किसी कारण से उनके पास नहीं जा सके थे। पूरा दिन त्यौहार मनाया गया। छपरौली, बिनौली, रमाला व दाहा क्षेत्र में भैयादूज का त्यौहार सुख-शांति के साथ मनाया गया। अल सुबह से ही भाइयों अपनी बहनों के पास जाना शुरु हो गए थे। देर सायं तक यह आना-जाना लगा रहा। बसों में सवारियों की खूब भीड़ रही। कोरोना के चलते भी बसों में भीड़ किसी बीमारी से नहीं डर रही थी।

