Monday, March 23, 2026
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भ्रष्टाचार में फंसी पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी

  • चेयरमैन पति पर पहले हो चुका है भ्रष्टाचार का मुकदमा
  • पूर्व विधायक गोपाल काली ने की थी मामले की शिकायत

जनवाणी संवाददाता |

मवाना: भ्रष्टाचार के लेकर नगर पंचायत हस्तिनापुर के पूर्व चेयरमैन दंपति पर शासन की ओर से शिकंजा कस दिया गया है। कुछ दिन पहले दो योजना चेयरमैन रह चुके अरुण कुमार के बाद अब उनकी पत्नी पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी के खिलाफ विजिलेंस (सतर्कता) विभाग के थाना सेक्टर मेरठ में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया है। दर्ज कराए मुकदमें में विजिलेंस ने जांच के दौरान उन्हें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी पाया है। चेयरमैन दंपति के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पिछले 15 साल में हुए भ्रष्टाचार के कई अन्य मामलों से भी पर्दा उठ सकता है।
आय से अधिक संपत्ति की हुई थी जांच

उप्र सतर्कता अधिष्ठान, मेरठ सेक्टर में तैनात इंस्पेक्टर रेनुका सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उप्र शासन के सतर्कता द्वारा 2020 में पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी के विरुद्ध जांच की गई थी। उक्त जांच पूर्ण कर 2021 को शासन को आख्या प्रेषित की गई थी। जिसके बाद सतर्कता अनुभाग द्वारा 2021 में पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी के विरुद्ध खुली जांच के आदेश दिए गए थे। खुली जांच के उपरांत 2023 में शासन को जांच रिपोट प्रेषित की गई । जांच में चेरयपर्सन सुनीता रानी ने अपने कार्यकाल में आय के समस्त स्रोतों से लगभग 29 लाख की आय अर्जित होने के बाद लगभग 45 लाख रुपये का व्यय किया गया।

16 लाख रही आय से अधिक सम्पति

चेयरपर्सन सुनीता रानी द्वारा लगभग 57 फीसदी 16 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई। अनानुपातिक व्यय के संबंध में सुनीता रानी द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टिकरण प्रस्तुत नहीं किया। जिसे लेकर वह प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई हैं। निरीक्षक रेनुका सिंह ने पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1)(बी) व धारा 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

पांच साल चेयरपर्सन रही हैं सुनीता रानी

नगर पंचायत हस्तिनापुर की विगत योजना में पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार की पत्नी सुनीता रानी चेयरमैन रही हैं। जबकि पत्नि से पहले व उनके बाद, यानि दो योजनाओं में अरुण कुमार चेयरमैन रहे। इस बार अध्यक्ष सीट एससी महिला आरक्षित होने पर सुनीता रानी चुनाव लड़ीं, लेकिन भाजपा प्रत्याशी सुधा खटीक के सामने वह चुनाव हार गईं। लगातार 15 सालों तक चेयरमैन दंपति ने हस्तिनापुर नगर की सरकार चलाई। उनके कार्यकाल के दौरान 11 फर्जी नियुुक्तियों का मामला भी काफी चचार्ओं में रहा। अब देखना होगा कि उस फजीर्वाड़े में हुई जांच का परिणाम कब सामने आएगा।

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