- दो बेटे खोने वाले सुरेश का तीसरा बेटा भी गंभीर
- अभी किसी ने भावनपुर थाने में नहीं दी तहरीर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शिवरात्रि के दिन कांवड़ और हैवी डीजे लेकर आ रहे भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव के युवकों पर हाइटेंशन लाइन कहर बन कर टूट पड़ी। करंट की चपेट में आकर छह की मौत हो गई जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन के मुआवजे देने की घोषणा के बाद शवों का अंतिम संस्कार हुआ। तीसरे दिन दिन सांत्वना देने के लिये राजनीतिक दलों के लोगों के आने का सिलसिला चलता रहा।

राली चौहान गांव के 20 लोगों का ग्रुप 26.5 फीट ऊंचे डीजे को ट्रैक्टर ट्रॉला में रख कर कांवड़ लेने चार जुलाई को गया था। शनिवार शिवरात्रि के दिन जब कांवड़ वापस गांव की ओर लौट रही थी तभी संपर्क मार्ग में प्रवेश करते ही कांवड़ का संपर्क 11 हजार की हाइटेंशन लाइन से हो गया। अचानक आए करंट से हिमांशु, प्रशांत, महेंद्र, लक्ष्य और मनीष और महेन्द्र की मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।
परिजनों ने विद्युत विभाग के एक जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कारवाई की मांग पर पूरी रात सड़क जाम की थी। सुबह के वक्त अधिकारियों से बातचीत के बाद ग्रामीणों ने रास्ता खोल दिया था। डीएम दीपक मीणा ने मृतकों के परिजनों को छह छह लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया था। अंतिम संस्कार के बाद पूरी रात दुखी परिजन अपने भाग्य को कोसते रहे कि भोले की सेवा करने का फल उनको इतना खराब क्यों मिला।

सोमवार को सुबह से गांव में सांत्वना देने वालों का आना जाना लगा रहा। सपा विधायक किठौर शाहिद मंजूर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अश्वनी त्यागी, लोकेश प्रजापति, समय सिंह सैनी, राज कुमार सांगवान आदि लोग मृतकों के परिजनों के घर गए और उनसे बातचीत की और आश्वासन दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
इकलौते बेटे की मौत से मां असहाय
हाइटेंशन लाइन के कारण हुए हादसे में सुनील का 12 वर्षीय बेटा लक्ष्य की भी मौत हो गई थी। लक्ष्य परिवार में इकलौता बेटा था। उससे छोटी छह वर्षीय पलक है। सुनील मजदूरी करता है। शाम के समय जैसे ही लक्ष्य को पता चला कि गांव में डाक कांवड़ आ रही है तो वह भी देखने के लिए चला गया। अंधेरा होने के कारण उसकी मां विजया ने उसे जाने से भी रोका था, लेकिन वह नहीं माना।

लक्ष्य का हाथ ट्रॉली से लग गया, तभी वह करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी देर रात मौत हो गई थी। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद से उसकी मां की हालत खराब है। वो किसी से बोल भी नहीं रही है बस शून्य बनी छत की ओर देखती रहती है। भाजपा नेता अश्वनी त्यागी और समय सिंह सैनी जब मृतक लक्ष्य के पिता सुनील और मां से मिले तो दोनो फफक कर रो पड़े।

मां तो बस यह कहती हुई रो पड़ी कि मेरे बेटे की क्या गलती थी जो भगवान ने मुझसे छीन लिया। तभी घर की महिलाओं ने मां विजया को पानी पिलाकर शांत रहने को कहा। वहीं सुरेश के दो बेटे हिमांशु और प्रशांत को हादसे में खो देने के बाद मां बाप बुरी तरह टूट चुके हैं। एक तरफ दो बेटों की दुनिया से विदाई और दूसरी तरफ तीसरा बेटा विशाल जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है।
जेई पर आरोप तो लगाया, लेकिन तहरीर नहीं दी
ग्रामीणों ने कांवड़ हादसे में मारे गए छह लोगों के लिये बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर पर खुलकर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर जेई शट डाउन ले लेता तो शायद यह हादसा न होता।

इसी जेई के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने रात भर रास्ता जाम कर धरना दिया था। घटना के तीन दिन बाद भी किसी भी ग्रामीण की तरफ से जेई के खिलाफ भावनपुर थाने में तहरीर नहीं दी गई है।

