- ग्रामीणों में आक्रोश, नहीं पहुंच रही प्रशासन की मदद
- राज्यमंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों को दौरा
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: खादर क्षेत्र में तीन सप्ताह पूर्व जलप्रलय के साथ शुरू हुआ खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बिजनौर बैराज से गंगा के जलस्तर में आई कमी के बाद भी सोमवार को गंगा के जलस्तर में एक से दो फीट बाढ़ का पानी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर फैल गया।

जलमग्न सड़कें और गांवों के पानी से घिरे होने के कारण गांवों का आवागमन बाधित हो रहा है। सोमवार को राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने खादर क्षेत्र को मोटर बोट से दौराकर ग्रामीणों का हाल जाना और राहत सामग्री का वितरण किया। उधर, डीएम और एसएसपी ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौराकर अधिकारियों को अवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लगभग तीन सप्ताह पूर्व खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को अपना रौद्र रूप दिखाने वाली गंगा क्या रंग दिखायेगी यह कह पाना मुश्किल है। बिजनौर बैराज से जलस्तर में कमी होने के बाद भी गंगा शांत होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को गंगा के जलस्तर में रविवार की अपेक्षा एक से दो फीट की कमी तो हुई, लेकिन देर शाम तक गंगा के जलस्तर में फिर से वृद्धि होने लगी।

बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियता पीयूष कुमार के अनुसार सोमवार को बिजनौर बैराज से 1 लाख 82 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। जबकि हरिद्वार से डिस्चार्ज बढ़कर 2 लाख 2 हजार क्यूसेक हो गया। गंगा नदी के जलस्तर के उतार-चढ़ाव के खेल में गंगा किनारे बसे फतेहपुर प्रेम, खेड़ीकलां, बधुवा, बधुवी, मनोहरपुर, भीकुंड, चामरौद, हट्टुपुरा, भागोंवाला, गांवड़ी, हंसापुर, परसापुर आदि गांव बाढ़ के पानी की चपेट में है।
ग्रामीणों को एक दूसरे से संपर्क बनाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बुधवा, खेड़ीकलां, मनोहरपुर, भीकुंड आदि ग्रामीणों का कहना है कि समय से दो महीने पहले आई बाढ़ में प्रशासन भी उनकी मदद नहीं कर रहा है। पिछले तीन सप्ताह से गंगा नदी आये दिन अपने नये-नये रूप उन्हे दिखा रही है। इसके बाद भी प्रशासन से न तो उन्हें कोई मदद ही मिल रही है और न ही कोई अधिकारी उनका हाल जाने के लिए गांवों तक पहुंच रहे हैं।
डीएम और एसएसपी ने किया बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण
डीएम दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र खादर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जहां अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। वहीं, बाढ़ प्रभावित गांवों में खाद्य सामग्री, दवाइयों आदि का वितरण समय पर किए जाने पर भी जोर दिया। डीएम ने बताया कि गंगा के जलस्तर में कमी हो रही है, लेकिन अभी कई गांवों में बाढ़ के हालात हैं।
किशनपुर पहुंचे राज्यमंत्री, किया खाद्य सामग्री का वितरण
सोमवार को राज्यमंत्री दिनेश खटीक बाढ़ प्रभावित गांव किशनपुर पहुंचे। जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से वार्ता कर सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के साथ बाढ़ में खराब हुई फसलों का मुआयना जल्द शासन को भेजने की बात कही। राज्यमंत्री ने दौरे के दौरान किशनपुर में ग्रामीणों को राहत खाद्य सामग्री का वितरण किया।
सीएमओ ने किया बाढ़ ग्रस्त इलाके का दौरा
सोमवार को टीम के साथ हस्तिनापुर के दौरे पर पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र की जनता से मिलकर वहां के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान सीएमओ ने बाढ़ के बाद इलाके में बीमारियां फैलने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने की हिदायत दी।

साथ ही यहां रहने वाली जनता को ओआरएस व क्लोरीन की दवा वितरित की। सीएमओ ने क्षेत्र में आम जनता के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए दो मोबाइल टीमें बनाई जबकि चार बाढ़ चौकी साथ 24 स्थानीय टीमों का गठन किया।
हिंडन नदी में बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत
सरधना: हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर के साथ ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। हिंडन के आपास अधिकांश जंगल का क्षेत्र डूब चुका है। धीरे-धीरे हिंडन का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। जिससे ग्रामीणों को बाढ़ आने का खतरा सता रहा है।
सोमवार को भी हिंडन के जलस्तर में बढ़ोतरी होती नजर आई। वहीं तहसील प्रशासन सर्वे के नाम पर खानापूर्ति करने में लगा हुआ है। अभी तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लेना जरूरी नहीं समझा है। फिलहाल हिंडन का रौद्र रूप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है।
पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश ने मैदानी क्षेत्रों में भी टेंशन बढ़ा रखी है। तमाम नदियां उफान पर चल रही हैं। जो हिंडन नदी कभी पानी को तरसती थी। दशकों से अपनी अस्तित्व के लिए लड़ रही थी। जिस हिंडन को बचाने के लिए सरकार से लेकर तमाम एनजीओ जागरुकता फैलाने का काम कर रहे थे। आज वहीं हिंडन पानी से लबालब चल रही है। हालत यह है कि हिंडन का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

हिंडन अपने रौद्र रूप में आती जा रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण हिंडन के आसपास जंगल में दूर तक पानी भर गया है। सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। हिंडन में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। सोमवार को भी हिंडन के जलस्तर में इजाफा नजर आया। धीरे-धीरे हिंडन का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। जिससे कई गांवों में बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों में बाढ़ आने का डर बना हुआ है। इतना सब के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है। तहसील प्रशासन हालात का सर्वे कराने की बात कह रहा है। मगर धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। बपरसी के ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक यहां कोई तहसील टीम नहीं आई है। किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लेना भी जरूरी नहीं समझा है। फिलहाल हिंडन का बढ़ता जलस्तर बपारसी, राजपुर मोमन, फरीदपुर, पिठलोकर, नाहली, मुल्हैड़ा आदि क्षेत्रों में लिए टेंशन बढ़ा रहा है। इस संबंध में एसडीएम जागृति अवस्थी का कहना है कि टीम भेजकर लगातार सर्वे कराया जा रहा है।

