Thursday, March 12, 2026
- Advertisement -

टेंडर डालने पर डिबार कर दी कंपनी

  • लघु सिंचाई विभाग में चल रहा बड़ा खेल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लघु सिंचाई विभाग में तालाब खुदाई के टेडरों को लेकर भी पूरा घालमेल चल रहा हैं। अधीक्षण अभियंता के जो करीबी ठेकेदार हैं, उनको ही टेंडर दिया जा रहा हैं। बाकी कोई आॅन लाइन टेंडर डालता हैं तो ठेकेदार की कंपनी को डिबार घोषित कर दिया जाता हैं। ऐसे दो मामले सामने आये हैं। जिन कंपनी को डिबार घोषित किया हैं, उन कंपनी के डायरेक्टर ने अधीक्षण अभियंता की शासन स्तर पर शिकायत कर दी हैं। अब इस मामले की जांच के आदेश शासन स्तर से हो सकती हैं।

दअरसल, जिन कंपनियों को डिबार घोषित किया हैं, वो है जय दुर्गे नम: कंट्रेक्शन खेकड़ा, राज ब्रदर्स एण्ड स्पलायर हापुड शामिल हैं। महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि बागपत में एक होटल में अवर अभियंता ने ठेकेदारों को 20 जून 2023 की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें कहा गया कि तालाब खुदाई के 22 काम हैं, जिसमें सभी ठेकेदारों को काम आवंटित कर दिये जाएंगे।

इसके लिए कोई भी आॅन लाइन बिना पूछे टेंडर/निविदा नहीं डालेंगे। जो डालेगा, उसे डिबार कर दिया जाएगा। इस धमकी के बाद भी दो कंपनियों ने आॅनलाइन तालाब खुदाई के टेंडर डाले, जिसमें रेट भी बढ़ाकर दिया गया, लेकिन हुआ वहीं, जो अधीक्षण अभियंता को करना था। अधीक्षण अभियंता ने जय दुर्गे और राज ब्रदर्स कंपनी को डिबार घोषित कर दिया। इनका कोई काम नहीं हुआ, फिर कैसे डिबार कर दिया?

ये बड़ा सवाल हैं। नियमों के तहत टेंडर प्रक्रिया आॅन लाइन हुई, फिर डिबार कैसे किया जा सकता हैं। एक तरह से चहेते ठेकेदारों के बीच में ये दो कंपनी आडेÞ आ गई थी, जिसके चलते अधीक्षण अभियंता ने इन दोनों कंपनियों को डिबार घोषित कर दिया। इसी मामले में अधीक्षण अभियंता की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई हैं। तालाबों की खुदाई के नाम पर जो घालमेल हो रहा हैं, वो छोटा नहीं, बल्कि बड़ा हैं।

इसमें निश्चित रूप से लाखों का भ्रष्टाचार हैं। तालाब खुदाई के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा हैं, जिसमें एक-दो नहीं, बल्कि कई स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा हैं। सरकारी धनराशि की बंदरबाट एक जगह नहीं, बल्कि कई जगह हो रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि शासन ने स्वास्थ्य प्रतिस्पर्धा के लिए आॅन लाइन टेंडर प्रक्रिया की हैं, जिसके बाद भी अधिकारी अपनी मनचाही कर रहे हैं। शासन के नियमों को भी कैसे तोड़ा जा रहा हैं।

एसई की सपा के बड़े नेता से है करीबी रिश्ते

अधीक्षक अभियंता (एसई) पर शिकायत कर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके पास पांच प्राइवेट गाड़ी हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में उनके पास कई प्लाट और मकान हैं। राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव से इनके करीबी रिश्ते हैं। सांसद के बेटे के साथ इनका रियल एस्टेट में पैसा लगा हुआ हैं। इसकी पूरी जांच कराने की मांग भी शिकायतकर्ता ने शासन से की हैं।

दो कंपनियों पर खास मेहरबानी

शिकायतकर्ता ने कहा है कि अधीक्षक अभियंता कृष्ण एंटरप्राइजेज और शिवा एंटरप्राइजेज पर खास मेहरबान हैं। इन्हीं दो कंपनियों को टेंडर देकर तालाब खुदाई के काम कराये जा रहे हैं। क्योंकि इनसे सेटिंग का खेल चल रहा हैं। इसकी जांच की मांग भी की हैं, ताकि पूरे भ्रष्टाचार की सच्चाई खुलकर सामने आ जाए।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भंडारित अनाज को सुरक्षित करना जरूरी

देश के कुल उत्पादन का लगभग 7 प्रतिशत अनाज...

जमाने के हमकदम होने की राह

चतुर सुजान ने जमाना देखा है। उनके सर के...

सरेंडर की मांग से भड़का संघर्ष

मध्य पूर्व अचानक संघर्ष की भयंकर आग में झुलस...

सोशल मीडिया पर तैरती फूहड़ता

डिजिटल युग ने हमारे समाज की संरचना, सोच और...
spot_imgspot_img