Tuesday, April 28, 2026
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इंजीनियर नींद में, हो गए अवैध निर्माण

  • निर्माणकर्ता को अवैध निर्माणों की खुली छूट
  • रोहटा रोड पर वक्फ बोर्ड की विवादित संपत्ति पर खडे हो गए पिलर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय भले ही अवैध निर्माण को लेकर सख्ती कर रहे हो, लेकिन इंजीनियर स्तर पर अवैध निर्माणों को खुली छूट दी जा रही है। रोहटा रोड पर वक्फ बोर्ड की विवादित संपत्ति पर पिलर खड़े कर दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। एक दुकान पहले बन चुकी है। अब अन्य दुकानों का निर्माण भी चालू कर दिया गया है,

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जिनके पिलर खड़े कर दिये हैं। ये निर्माणकर्ता का दुस्साहस ही कहा जाएगा कि मेडा इंजीनियरों के सील लगाने के बाद भी निर्माण किये जा रहे हैं। सील को तोड़कर फेंक दिया गया हैं, फिर भी इंजीनियरों ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई हैं। आखिर इंजीनियर किस दबाव में है या फिर मिलीभगत चल रही हैं। इसमें इंजीनियरों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई हैं।

यही नहीं, वक्फ बोर्ड की जिस स्थान पर सम्पत्ति हैं, उसी से 10 कदम की दूरी पर दूसरा बड़ा निर्माण आरंभ कर दिया गया हैं। दर्जनभर से ज्यादा पिलर छह फीट ऊंचे निकाल दे गए हैं। ये पिलर का निर्माण भी मेडा इंजीनियरों को दिखाई नहीं दिया। यह सब मेडा के इंजीनियरों को दिखाई नहीं दे रहा है या फिर सेटिंग का खेल चल रहा हैं। अवैध निर्माणों को लेकर इंजीनियर प्राधिकरण उपाध्यक्ष को गुमराह कर रहे हैं।

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क्योंकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष, इंजीनियरों को ईमानदारी का हर रोज पाठ पढ़ा रहे हैं, लेकिन वो है कि अवैध निर्माण रुकवाने को तैयार नहीं हैं। आखिर हो क्या रहा हैं? यही वजह है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा? यह बड़ा सवाल है। यही नहीं रोहटा बाइपास स्थित सर्विस लेन पर भी एक निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें लिंटर डालने की पूरी तैयारी चल रही है। यह निर्माण भी प्राधिकरण के इंजीनियरों को दिखाई नहीं दिया।

एक दिन से नहीं, बल्कि पिछले तीन माह से यह निर्माण चल रहा है। इससे थोड़ा आगे बढ़ेंगे तो ईरा गार्डन कॉलोनी के मुख्य गेट के बाएं और दाएं तरफ दोनों अवैध निर्माण तेजी से चल रहे हैं। गेट के बाएं तरफ बड़ा रेस्टोरेंट बनाया जा रहा है, जिस पर छत डालने की तैयारी चल रही है। इस निर्माण को भी कैसे पूरा होने दिया? यह इंजीनियर की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।

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इंजीनियरों की कार्रवाई के बाद भी यह निर्माण कैसे हो रहे हैं? इसको लेकर प्राधिकरण के इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी हैं। यही नहीं, कंकरखेड़ा पेट्रोल पंप के बराबर में तीन अवैध दुकानों का निर्माण कर दिया गया। ये दुकानें प्राधिकरण की जमीन में बना दी गई, ऐसा आरोप शिकायतकर्ता लगा रहे हैं।

फिर भी कार्रवाई प्राधिकरण नहीं कर रहा हैं। शोभापुर बाइपास, लल्लापुरा, रोहटा रोड समेत दो दर्जन से ज्यादा अवैध निर्माण यहां पर कर दिए गए हैं। इनको अभी तक रोका नहीं गया है। इस तरह से अवैध निर्माण कर्ताओं का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।

मेडा वीसी बोले, ग्रीन वर्ज का नहीं हो सकता भू-उपयोग परिवर्तित

उद्यमियों जो प्रस्ताव टाउनशिप डवलप करने के लिए प्रोजेक्ट दिये थे, वो ग्रीन वर्ज में हैं। कृषि भूमि का भू-उपयोग चेंज हो सकता हैं, लेकिन ग्रीन वर्ज का नहीं। इसमें मेडा ने कोई ख्वाब नहीं दिखाये। इसके लिए बोर्ड बैठक में भी इसका प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन ग्रीन वर्ज का भू-उपयोग परिवर्तन करना असंभव हैं।

ये कहना है मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय का। उन्होंने उद्यमियों को लुभाकर 27 हजार करोड़ रुपये के निवेश का एओयू कराये जाने की बात को लेकर बोला हैं। उनका कहना है कि ग्रीन वर्ज मास्टर प्लान में कैसे चेंज हो सकता हैं। ये एनसीआर का हिस्सा हैं। एनजीटी के आधीन हैं। कहीं भी बिना एनजीटी के ग्रीन वर्ज का भू-उपयोग बदला नहीं जा सकता।

हालांकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष का कहना है कि 27 हजार करोड़ के ये प्रोजेक्ट फिर से बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे, ताकि फिर से बोर्ड इस पर विचार करें और शासन स्तर पर इसको भेजा जा सकेगा। क्योंकि शासन स्तर से ही एनजीटी से ग्रीन वर्ज खत्म करने की अनुमति ली जा सकती हैं। दरअसल, एपेक्स ग्रुप आॅफ कंपनीज की योजना के मुताबिक पाबली में 100 एकड़ जमीन खरीदी गई थी।

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इसमें इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की प्लानिंग की गई थी। इसमें एक हजार करोड़ का निवेश करने का दावा किया गया था। दरअसल, मेडा 2031 के मास्टर प्लान पर उद्यमियों ने सवाल उठाये हैं। क्योंकि मास्टर प्लान 2031 में ग्रीन वर्ज में परिवर्तन किया जा सकता था, लेकिन प्राधिकरण इंजीनियरों ने कृषि भूमि को ग्रीन वर्ज, ओपन स्पेश प्लानिंग कर दिया।

हाइवे पर अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है। जिसमें जल्दी कार्रवाई करने के निर्देश इंजीनियरों को दिए गए हैं।

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जल्द ही अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा। -अभिषेक पांडे प्राधिकरण उपाध्यक्ष, मेरठ

एक सप्ताह के भीतर हाइवे पर और वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर किए गए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। ध्वस्तीकरण की जो सूची तैयार हुई है,

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उसमें इन अवैध निर्माणों के नाम भी शामिल है। -अर्पित यादव, जोनल अधिकारी प्रवर्तन, मेडा

फर्जी मेडा कर्मी बनकर करता था वसूली, मुकदमा दर्ज

मेरठ विकास प्राधिकरण(मेडा)में भ्रष्टाचार जीरो करने का अभियान के तहत सोमवार को एक दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया हैं। ये व्यक्ति खुद को मेडा कर्मी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था तथा इसके बाद अवैध निर्माण को लेकर वसूली करता था।

यही नहीं, ये व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर समाचार पत्र में खबर प्रकाशित करने की धमकी भी देता था। उधर, प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने एक पत्र एसएसपी को लिखा हैं, जिसमें ब्लैकमेल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की हैं।

दरअसल, रुखसार खान पत्नी जफर अली निवासी ए-23 एरा गार्डन नूर नगर में 75 वर्ग मीटर का एक मकान बनाया हैं, जिसमें शमीम चौधरी नामक व्यक्ति मेडा कर्मियों के साथ उसके घर पहुंचे थे तथा अवैध निर्माण बताकर एक लाख की वसूली की। खुद को मेडा का कर्मचारी बताते थे। ये पूरा प्रकरण प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय के संज्ञान में लाया गया,

जिसके बाद प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने प्रकरण सुनने के बाद इसमें रुखसार से तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा। इसके बाद ही रुखसार आदि ने सीओ सिविल लाइन को एक तहरीर दी, जिसमें भ्रष्टाचार कब-कब हुआ, उसका उल्लेख किया गया। आरोप है कि शमीम चौधरी अपने साथ दो साथियों को भी साथ लेकर आये थे। उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ हैं,

जिनके नाम फैसल खान, आसिफ चौधरी बताया गया हैं। उधर, प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने जो पत्र एसएसपी को लिखा है, उसमें स्पष्ट किया है कि कुछ ऐसे लोग भी है जो अखबार में खबर प्रकाशित करने की धमकी देकर अवैध वसूली करते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। ये लोग पत्रकारिता जैसे गरिमामयी पेशे को भी कलंकित कर रहे हैं। ऐसे अपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की हैं।

मेडा ने दो कॉलोनियों पर चलाया बुलडोजर

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय के निर्देश पर सोमवार को लिसाड़ी गेटथाना पुलिस को साथ लेकर दो स्थानों पर अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया गया। ये ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जोन ए-3 में की गई। प्राधिकरण इंजीनियरों की टीम सोमवार की सुबह राशिद मलिक निकट बजौट गांव लिसाड़ी रोड पर पहुंची, जहां पर करीब 10000 वर्ग गज में अवैध कॉलोनी में निर्मित सड़कों व खड़ंजों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण कर दिया।

कॉलोनी में लगे बिजली के खंभे व बिल्डर का साइड आॅफिस भी ध्वस्त कर दिया। दूसरी कार्रवाई हाजी जिलानी 100 फुटा रोड आम वाली कॉलोनी फतेहउल्लापुर रोड पर लगभग 12000 वर्ग मीटर में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी, जहां पर मेडा इंजीनियरों की टीम पुलिस के साथ पहुंची तथा सड़कें व खड़ंजे और बिजली के खंभे उखाड़ दिये। दो घंटे तक ये अभियान चला। प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में अवर अभियन्ता राकेश राणा, प्रवर्तन खंड का समस्त स्टाफ और पुलिस मौजूदगी में ये ध्वस्तीकरण अभियान चला।

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