- लोगों ने व्यास समारोह में आनलाइन पौराणिक यात्रा का लिया आनंद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि में चल रहे व्यास समारोह के छठे दिन जहां कवियों ने अपनी कविताओं से दर्शकों का मनमोहने का काम किया। वहीं व्यास समारोह में आॅनलाइन पौराणिक यात्रा का भी दर्शकों ने आनंद लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पूनम लखनपाल ने अतिथियों का स्वागत कर किया।
इस दौरान अतिथियों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पौराणिक यात्रा के माध्यम से धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई और गंगा स्नान भी कराया। मगर कोरोना के कारण पौराणिक यात्रा करना संभव नहीं था इसलिए गोष्ठियों के समान ही पौराणिक यात्रा भी छात्रों को आॅनलाइन कराई गई।
जिसमें दौराला के निकट झारखंडी महादेव मंदिर के दर्शन कराए गए। वहीं भारत के संस्कृत कवियों ने छंदों में गाकर सरस रोचक गीत, कविताएं, गजल आदि प्रस्तुत की। डॉ. पूनम लखनपाल ने सरस्वती वंदना दंडक छंद में प्रस्तुत की। उत्तराखंड के कवि डॉ. आशुतोष गुप्ता ने आस्ति में भारत स्वर्गभू में सम भारत की प्रशंसा की।

डॉ. उमा राहुल ने नारी शीर्षक से नारी के विविध रुपों को प्रस्तुत कर प्रश्न उठाया कि ऐसी नारी की आज के समय में दुर्दशा क्यों। इलाहाबाद के कवि डॉ. राजेंद्र त्रिपाठी रसराज ने कविताएं प्रस्तुत की। लखनऊ के डॉ. सत्यकेतु ने सग्विणी छंद में कृष्ण के जीवन चरित्र को प्रस्तुत किया। दूसरी कविता में संस्कृत भाषा के गौरव को प्रस्तुत किया। डॉ. अंजू रानी ने अपने विवि की स्मृतियों को याद करते हुए बादरायणी कथा के विषय में गीत प्रस्तुत किया और शिव शोभते में समग्रे शरीरे गाया। पारुल मित्तल ने अपनी देवशोला यात्रा एवं वायुपुराण की कथा का काव्य वर्णन किया। हरिद्धार के कवि शैलेश कुमार तिवारी अपने गीतों के साथ-साथ हास्य पद्य सुनाकर श्रोताओं का मनोरंजन किया। अलीगढ़ के कवि डॉ. द्वारका नाथ त्रिपाठी ने एक संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. वाचस्पति मिश्रा, डॉ.पूनम लखनपाल, डॉ. राजवीर आर्य, विपिन, पवन, दीपक, अनिका आदि मौजूद रही।

