Wednesday, April 1, 2026
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यूपी पीसीएस जे में मेरठ के मेधावियों ने किया कमाल

  • शैफाली ने प्राप्त की 50वीं रैंक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बुधवार को देर शाम यूपी पीसीएस जे का परीक्षा परिणाम जारी हुआ। जिसमें मेरठ के मेधावियों ने कमाल कर दिया। पीसीएस-जे में इस साल सर्वाधिक मेधावी जज बनने में सफल रहे हैं, जिनकी संख्या 13 है। मेरठ से शैफाली को 50वीं और दिव्या गर्ग को 73वीं रैंक मिली है। चयनित विद्यार्थियों में से तीन सुभारती विवि और तीन सीसीएसयू कैंपस से ग्रेजुएट हैं। अधिकांश सफल विद्यार्थियों ने लॉ प्वाइंट से तैयारी की है।

लॉ प्वाइंट के निदेशक पवित्र नारायण के अनुसार सेंटर से दस से ज्यादा विद्यार्थी पीसीएस-जे में उत्तीर्ण होकर जज बनने में सफल रहे हैं। मेरठ के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। सेंटर से शैफाली चंद्रवंशी ने 50, दिव्या गर्ग ने 73, सिद्धार्थ कुमार ने 140, अदिति गर्ग ने 170, आंचल मलिक ने 159, हिमांशु नौटियाल ने 124 और प्रियंका चौधरी ने 112वीं रैंक पाई है।
इनके अलावा भी कई छात्र पीसीएस-जे बनने में कामयाब हुए हैं।

सुभारती लॉ कॉलेज के डीन डा. वैभव गोयल भारतीय के अनुसार दिव्या चिंदालिया ने 89, अखिल चौधरी ने 217 और राजेश्वरधर द्विवेदी ने 187वीं रैंक पाई है। सीसीएसयू कैंपस में लीगल डिपार्टमेंट समन्वयक डा. विवेक त्यागी के अनुसार यहां से बीए-एलएलबी उत्तीर्ण प्रिंस तोमर ने 166, प्रिंस चौधरी ने 210 और अखिल चौधरी ने 217वीं रैंक हासिल की है।

शैफाली है उत्तराखंड में जज

50वीं रैंक पाने वाली शैफाली चंद्रवंशी उत्तराखंड में जज हैं। उन्होंने यूपी-पीसीएस जे में भी 50वीं रैंक हासिल की है।

सबके साथ से बन गई जज

73वीं रैंक पाने वाली दिव्या गर्ग ने गाजियाबाद से अपनी शिक्षा पूरी की। 2018 में टेस्ट दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शादी के बाद दिव्या गर्ग पीसीएस-जे के लिए जुटी रहीं और इस बार सफल हो गईं। दिव्या के पति आदित्य गुप्ता बिजनेसमैन हैं।

प्रिंस बने गांव में पहले जज

बागपत के ललियाना निवासी प्रिंस चौधरी अपने गांव में पहले जज बने हैं। दूसरे प्रयास में प्रिंस ने यह सफलता हासिल की। प्रिंस ने सफलता का श्रेय परिजन, शिक्षक और ईश्वर को दिया है।

पहले प्रयास में बने जज

बड़ौत निवासी प्रिंस तोमर ने कैंपस से बीए-एलएलबी किया। पहले ही प्रयास में उन्होंने 166वीं रैंक पाई है। प्रिंस तोमर के अनुसार ईश्वर में भरोसा रखिए और मेहनत करते रहिए। सफलता जरूर मिलेगी।

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