Thursday, March 5, 2026
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डीएम ने कहा-समाधान होगा और मान गए किसान

  • नहीं चलेगा हाइवे के ग्रीन वर्ज में मेडा का बुलडोजर
  • एडीएम (ई), मेडा सचिव पहुंचे किसानों के बीच

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ग्रीन वर्ज में ध्वस्तीकरण कर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने आग धधका दी थी, लेकिन समय रहते डीएम दीपक मीणा ने मामले को संभाल लिया और धरना भी स्थगित कराने में डीएम कामयाब हो गए। 21 दिन डाबका हाइवे पर चला किसानों का धरना गुरुवार की शाम को स्थगित करने का ऐलान कर दिया। धरने को स्थगित कराने में डीएम की अहम भूमिका रहेगी,

अन्यथा ये आंदोलन बड़ा रूप ले रहा था, जो भाजपा के लिए भी मुसीबत पैदा कर सकता था। क्योंकि किसान ग्रीन वर्ज में दोहरी नीति को लेकर खासे नाराज थे। एक तरह से प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय इस मामले में बैकफुट पर आ गए और आंदोलकारियों की गठित कमेटी से डीएम के सामने वादा कर दिया कि हाइवे पर कोई ध्वस्तीकरण नहीं होगा। इसके लिए 20 दिन का समय भी किसानों से मांगा। इस बीच हाइवे पर सर्वे कराया जाएगा।

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दरअसल, किसानों की गुरुवार को बड़ी पंचायत थी। इसमें भाकियू के राष्टÑीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को पहुंचना था, लेकिन वह दिल्ली किसी मीटिंग में थे। उनके प्रतिनिधि के रूप में पश्चिमी यूपी के भाकियू अध्यक्ष पवन खटाना पंचायत में पहुंचे। पंचायत में किसानों ने प्राधिकरण अफसरों के खिलाफ खूब आग उगली। पंचायत में ये ऐलान भी कर दिया था कि यदि कोई अधिकारी पंचायत में नहीं आते है तो पशुओं को लेकर प्राधिकरण में धरना दिया जाएगा।

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पांच घंटे चली पंचायत में आखिर एडीएम (ई), मेडा सचिव सीपी तिवारी, एसीएम संजय व कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। पंचायत में बने मंच पर तीनों अधिकारियों को बैठाया गया, जिसमें एडीएम (ई) अमित कुमार ने कहा कि डीएम दीपक मीणा किसानों की समस्या को लेकर गंभीर हैं। इसमें एक कमेटी बनाकर डीएम आॅफिस में किसान चले, इस समस्या का समाधान हो जाएगा। मेडा सचिव सीपी तिवारी ने भी कहा कि किसानों को ठेस पहुंचाने का प्राधिकरण का कोई उद्देश्य नहीं था और आगे भी नहीं होगा।

फिलहाल ध्वस्तीकरण नहीं होगा। इसके बाद ही किसानों ने एक 11 सदस्य कमेटी का गठन किया और ये कमेटी कलक्ट्रेट में डीएम आॅफिस में पहुंची। इस कमेटी की अगुवाई भाकियू के पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष पवन खटाना कर रहे थे। वहां पहले से ही डीएम दीपक मीणा और प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय मौजूद थे। किसानों ने कहा कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष जानबूझकर आग धधका रहे हैं। किसान सड़कों पर उतर गए तो काबू में नहीं हो पाएंगे।

इस तरह से किसानों ने आक्रोश व्यक्त किया, जिसके बाद डीएम ने पूरे मामले को अपने हाथ में लेते हुए संभाला। डीएम ने कहा कि किसानों पर किसी तरह का अत्याचार नहीं होगा। हाइवे पर किसी तरह का ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा। किसानों का सम्मान रहेगा। समाधान निकालने के लिए किसानों को यहां बुलाया गया हैं।

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डीएम के व्यवहार से आक्रोशित किसान भी शांत हो गए, जिसके बाद ही किसानों ने हाइवे पर चल रहे धरने को स्थगित करने का ऐलान कर दिया। इससे पहले पंचायत की अध्यक्षता चौधरी तेजपाल सिंह ने की तथा संचालन मनू चौधरी ने किया। पंचायत को भाकियू पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष पवन खटाना, जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, राजकुमार करनावल आदि संबोधित किया।

ये बनी समिति

डीएम से आंदोलन को लेकर किसानों की ग्यारह सदस्यों की समिति मिलने पहुंची थी, जिसमें भाकियू पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष पवन खटाना, अनुराग चौधरी, मनू चौधरी, अनुज पंवार, रोहित प्रधान, अरुण चौधरी, ओटी लाल, गुडडू प्रधान खडौली आदि शामिल थे।

इन बिन्दुओं पर बनी सहमति

  • ग्रीन वर्ज में किसानों के निर्माण को नहीं होगा ध्वस्तीकरण
  • प्राधिकरण ने 20 दिन का मांगा समय, करायेंगे सर्वे
  • एनजीटी को पत्र लिखकर ग्रीन वर्ज खत्म करने की मांग करेंगे प्राधिकरण उपाध्यक्ष
  • ग्रीन वर्ज की जमीन का अधिग्रहण कर दिया जाए मुआवजा, एनजीटी को लिखा जाएगी चिठ्ठी
  • किसानों की समिति की बिना सहमति के नहीं होगा ध्वस्तीकरण
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