Wednesday, March 4, 2026
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कार्तिक मास में गंगास्नान का क्या है महत्व और शुभ मुहूर्त

  • इस दिन की जाती है भगवान विष्णु की आराधना, 26 नवंबर के दिन पूर्णिमा तिथि दोपहर 3:53 मिनट पर लगेगी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हिंदू धर्म में गंगा स्नान का बहुत महत्व बताया गया है। गंगा स्नान का पर्व कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को कार्तिक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है और ऐसा माना जाता है इस दिन गंगा नदी में स्नान करने और दान करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं। यही वजह है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान कहा जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। इस साल 26 नवंबर के दिन पूर्णिमा तिथि दोपहर 3:53 मिनट पर लग जाएगी। जो 27 नवंबर 2:45 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसा में कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को मनाई जाएगी। इन दिन गंगा नदी में स्नान जरूर करना चाहिए और अगर गंगा नदी में स्नान ना कर पाएं तो घर में नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान करें। इसके अलावा इस दिन दीप दान का भी खास महत्व है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त सांसारिक पापों से मुक्ति मिल जाती है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन देवतगण भी पृथ्वी लोक पर पधारकर गंगा स्नान करते हैं। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान जरूर करना चाहिए।

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इसके अलावा इस दिन दान भी करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन दान करने से कई गुणा अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान के दिन अगर पवित्र नदियों में स्नान करने के संयोग न बन पाए तो इस दिन नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। ऐसा करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

कार्तिक पूर्णिमा के स्नान से मिलता है ये लाभ

माना जाता है कि भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार जब लिया था तो उनका निवास स्थान जल में ही था। इस मान्यता के अनुसार लोग कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन पवित्र तीर्थ नदियों में स्नान करते हैं। इस दिन स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बड़े-बड़े यज्ञ से जो फल प्राप्त होता है, वही फल कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र तीर्थ नदियों में स्नान करने से मिलता है। यह साल का सबसे बड़ा स्नान होता है।

इस स्नान से कई फल प्राप्त होते हैं। यदि आप जीवन में परेशान चल रहे हैं तो इस दिन तीर्थस्थान पर जाकर अवश्य स्नान करें। ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु जी की कृपा प्राप्त होगी और आपके जन्मों-जन्मों के पाप मिट जाएंगे। इस दिन स्नान करने से जीवन में चल रही आर्थिक परेशानी भी दूर हो जाती है, क्योंकि पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को भी समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

गंगास्नान दीपदान का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में नदी या तालाब में दीपदान करने का विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में किसी नदी या तालाब में जलता हुआ दीप दान करना चाहिए। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

गंगास्नान का शुभ मुहूर्त

  • कार्तिक पूर्णिमा तिथि-सोमवार, 27 नवम्बर
  • पूर्णिमा तिथि आरंभ-26 नवम्बर को दोपहर 03:53 बजे।
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त-27 नवम्बर को दोपहर 02:45 बजे।
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