Friday, May 1, 2026
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काले बुखार से मौत, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

  • स्वाइन फ्लू ने नहीं, काले बुखार से गई रालोद नेता के भाई अनिल की जान
  • कोरोना के खतरे के बावजूद बाजारों में जमकर बरती जा रही लापरवाही

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रालोद नेता सुनील रोहटा के भाई अनिल की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं बल्कि काले बुखार से हुई है। वह 15 दिन से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। वहीं सोशल मीडिया पर अनिल रोहटा का 48 साल की उम्र में सोमवार सुबह निधन हो गया। वह रालोद नेता सुनील रोहटा के बड़े भाई थे। अनिल रोहटा ने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।

भाई सुनील रोहटा ने बताया कि अनिल की कुछ दिन पहले तबीयत खराब थी। पहले बुखार आया। मेरठ में इलाज कराया, लेकिन हालत नहीं सुधरी। इसके बाद उन्हें कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज चला, लेकिन तबीयत ठीक नहीं हुई। बाद में उन्हें नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। जहां सोमवार सुबह 6:45 बजे इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

अनिल को लेकर सोशल मीडिया पर उनको स्वाइन फ्लू की खबर वायरल हो रही है। यह भी कहा गया है कि उन्हें मिमोनिया भी हो गया था। लगातार स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने की वजह से उन्हें दिल्ली के साकेट स्थित मैक्स अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया था। जहां पिछले कई दिनों से उनका उपचार चल रहा था। वहीं, सोमवार तड़के उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद सुबह सात बजे उनकी मृत्यु हो गई।

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वहीं, उनके भाई सुनील रोहटा ने बताया गया कि वे इसी महीने के शुरुआत से बीमार चल रहे थे। उन्हें पहले मेरठ के एक अस्पताल में दिखाया गया था। आराम नहीं लगने पर उन्हें दिल्ली ले जाया गया, लेकिन वहां भी उन्हें आराम नहीं लगा। उन्होंने बताया कि भाई ने आज सुबह दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।

बताया गया कि रालोद नेता सुनील रोहटा के भाई अनिल रोहटा दो स्कूलों के डायरेक्टर थे। वहीं, इतनी कम उम्र में उनकी मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी शव यात्रा में क्षेत्र के गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

  • स्वाइन फ्लू नहीं

रोहटा निवासी अनिल को लेकर जो खबर सोशल मीडिया पर चल रही है वह गलत है। दरअसल, वह कई दिन से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। वह हैपेटाइटिस बीमारी सी पीड़ित थे। स्वाइन फ्लू जैसी कोई बात नहीं है। सोशल मीडिया पर जो वायरल किया जा रहा है वह गलत है। -डा. अखिलेश मोहन, सीएमओ

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